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सुरती हिल स्टेशन गुजरात राज्य के सूरत जिले के निकट स्थित एक प्राकृतिक स्वर्ग।

सुरती हिल स्टेशन, गुजरात राज्य के सूरत जिले के निकट स्थित एक अद्भुत हिल स्टेशन है। यह स्थान अपनी ठंडी जलवायु, हरे-भरे पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। सुरती हिल स्टेशन सर्दियों के दौरान खासकर पर्यटकों को आकर्षित करता है, जब यहाँ...

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तीन मंजिला मकानों की कतारों को कुमाऊं में बाखली कहा जाता है। Rows of three-storey houses are called Bakhli in Kumaon.

छोटे खिड़की-दरवाजों वाले एक से लेकर तीन मंजिला मकानों की कतारों को मेरे कुमाऊं में बाखली कहा जाता है। सबसे नीचे का तल मवेशियों को बाँधने और उनके लिए चारा वगैरह सम्हालने के काम में लाया जाता है। इसे गोठ कहते हैं. हर घर के...

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सड़क किनारे पहाड़ी सब्जी बेच रहे नितेश सिंह बिष्ट जी स्वरोजगार कर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सीधा-सीधा योगदान।

सड़क किनारे पहाड़ी सब्जी बेच रहे नितेश सिंह बिष्ट जी स्वरोजगार कर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सीधा-सीधा योगदान कर रहे हैं, अगर कोई व्यक्ति घर में रहकर इस तरह का स्वरोजगार करते हुए महीने के दस पंद्रह हजार कमा ले और खाने के लिए अनाज...

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उत्तराखंड मैं पुराने समय के परम्परागत भवन उन्नत इंजीनियरिंग। Traditional House of Uttarakhand.

उत्तराखंड मैं पुराने समय के परम्परागत भवन उन्नत इंजीनियरिंग की मिसाल पेश करते है, यह भवन पौड़ी जिले मे स्थित है । Traditional House of Uttarakhand.

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बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (गगेरी) व हुड़का बनाया गया है।

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (गगेरी) व हुड़का बनाया गया है।

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ये हैं विनोद घिल्डियाल से जिन्होंने उत्तराखंड में  पशुओं के लिए हरा चारा उगाने पर काम किया और सफल भी रहे।

उत्तराखंड तभी तरक्की करेगा जब हम खुद कुछ करेंगे, ये है उत्तराखंड कीर्तिनगर ब्लॉक के अमरोली गांव (मालू पानी) निवासी विनोद घिल्डियाल जी। पहले उन्होंने पशुओं के लिए हरा चारा उगाने पर काम किया और सफल भी रहे। अब वे मालू पत्तों से पत्तल,दोनें आदि...

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ये वीरान पड़े खुबसूरत घर इस बात के गवाह हैं कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी वाकई में पहाड़ों के बिल्कुल काम नहीं आती।

सुख हो लेकिन शांति न हो तो समझना कि आप सुविधा को गलती से सुख समझ रहें हैं। ये वीरान पड़े खुबसूरत घर इस बात के गवाह हैं कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी वाकई में पहाड़ों के बिल्कुल काम नहीं आती। बेहतर...

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एक दौर था जब खेतों मे क्रिकेट मैच खेले जाते थे गांव का किसी का भी अच्छी लोकेशन पर खेत चुनते थे।

कुछ बचपन की यादें।एक दौर था जब खेतों मे क्रिकेट मैच खेले जाते थे गांव का किसी का भी अच्छी लोकेशन पर खेत चुनते थे तथा परमानेंट हर वर्ष जब यह खेती कटाई हो जाती थी तब पिच बनाई जाती हे सीजन मे खूब खूब...

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