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1932 मे बद्रीनाथ, वहाँ के रावल और बद्रीनाथ में रस्सी से बने पुल की तस्वीर। Photo of Badrinath in 1932, its Rawal and the rope bridge at Badrinath.

1932: बद्रीनाथ के रावल और बद्रीनाथ की तस्वीर। 1932 में बद्रीनाथ में रस्सी से बना पुल था। मंदिर प्रबंधन कर्मचारियों की पोशाक देखें। मैंने झंडा मेले के दौरान गुरु राम राय दरबार के महंत के साथ चलने वाले कर्मचारियों को भी ऐसी ही पोशाक पहने...

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वर्ष 1885 में एक ईसाई मिशनरी पत्रिका के कवर पेज पर नैनीताल झील की तस्वीर।

1885: एक ईसाई मिशनरी पत्रिका के कवर पेज पर नैनीताल झील की तस्वीर।यह फोटो ईसाई मासिक समाचार पत्र, हीथेन वूमन फ्रेंड में प्रकाशित हुआ। बोस्टन, मैसाचुसेट्स की यह वूमन्स फॉरेन मिशनरी सोसायटी इस पत्रिका का प्रकाशन करती थी।

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ये हैं उत्तराखंड के चमोली गढ़वाल में छोटे से गांव दुपटोली के रहने वाले हस्त शिल्प कलाकार दर्शन लाल।

ये हैं उत्तराखंड के चमोली गढ़वाल में छोटे से गांव दुपटोली के रहने वाले दर्शन लाल। दर्शन लाल हस्त शिल्प कलाकार है और वो इसी से अपना घर चलाते हैं दर्शन लाल ने अपनी हाथों की कलाकारी से कई सामानों को बनाया है। ये वस्तुएं...

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ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर लोकल निवासी से अनुरोध हैं की वहां की जमीन किसी को ना बेचे।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग पर जितने भी रेलवे स्टेशन होंगे लोकल निवासी से अनुरोध हैं की वहां की जमीन किसी को ना बेचे वरना आप वहां बाद में नौकर बनकर रह जाएंगे !

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कभी भी गिलास में पानी ना पियें, जानिए लोटे और गिलास के पानी में अंतर। Never drink water in a glass, know the difference between glass and glass.

⚱भारत में हजारों साल की पानी पीने की जो सभ्यता है वो गिलास नही है, ये गिलास जो है विदेशी है. गिलास भारत का नही है. गिलास यूरोप से आया। और यूरोप में पुर्तगाल से आया था।  ये पुर्तगाली जबसे भारत देश में घुसे थे...

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यह 1868 की यमुनोत्री घाटी के ग्रामीणों की सबसे पुरानी तस्वीरों में से एक है।

1868: यह यमुनोत्री घाटी के ग्रामीणों की सबसे पुरानी तस्वीरों में से एक है। 1868 में देहरादून में खींची गई इस तस्वीर में दो ग्रामीण अपने पारंपरिक कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। वे खेतों में काम करते थे। यह तस्वीर पीपुल ऑफ इंडिया पुस्तक...

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पंत भोजनालय कोसनी – यहाँ आपको प्यार और आदर्श को मिलावट करके खाना दिया जाता है।

यहाँ आपको प्यार और आदर्श का मिलावट करके खाना दिया जाता है अगर आप यहाँ आये तो भूल कर भी ना खाये ना रुके क्यूंकि आपको इनके प्यार की लत लग जाएगी और आप दीवाने होजाएंगे….बात 7 जुलाई की है ज़ब मैं रानीखेत से कौसानी...

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शहरों में पूरा जीवन इसलिए भटकते रहे की एक दिन बहुत सारा पैसा कमा के फिर सुकून से रहूंगा

शहरों में पूरा जीवन इसलिए भटकते रहे की एक दिन बहुत सारा पैसा कमा के फिर सुकून से रहूंगा लेकिन जब सुकून का समय आता है यमराज का नोटिस आ जाता है । लेकिन हम लोगो को भगवान ने सौभाग्य से उत्तराखंड में इसलिए जन्म...

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