Home » Uttarakhand Latest » जोशीमठ के नीचे जड़ पर बाईपास सड़क का कार्य लोगों के तमाम विरोध के बावजूद जारी है। 

जोशीमठ के नीचे जड़ पर बाईपास सड़क का कार्य लोगों के तमाम विरोध के बावजूद जारी है। 

जोशीमठ के नीचे जड़ पर बाईपास सड़क का कार्य लोगों के तमाम विरोध के बावजूद जारी है।  फोटो में साफ दिख रहा है।  जहां सड़क कटिंग का कार्य चल रहा है। वहां अटकी चट्टानें कभी भी नीचे आ सकती हैं। 

इसके उपर लोगों की रिहायश है। घर हैं जो खतरे में आ गए हैं । इसके साथ ही इन चट्टानों के नीचे आने से एक नया भूस्खलन सक्रीय हो जायेगा जो ऊपर नगर के अस्तित्व के लिए खतरा बनेगा । यहां से उपर बस्ती पहले ही भू धंसाव के चलते खतरे में है ।

Related posts:

स्वरोजगार की मिसाल दे रही हैं पौड़ी की बसंती नेगी। Swarojgaar Ki Misal de rahi hai Pauri ki Basanti ...

Culture

पौड़ी गढ़वाल के एकेश्वर क्षेत्र में युवाओं ने बागवानी को अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में बढ़ाया कदम।

Uttarakhand Latest

उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले के मुकुल बडोनी (#Mukul_Badoni) एक प्रतिभाशाली कलाकार।

Culture

दिल्ली से देहरादून की यात्रा में लगने वाला 6 से 8 घंटे का समय घटकर सिर्फ 2 से 2.5 घंटे मैं। The trav...

Uttarakhand Latest

A very old and rarest of rare picture of the TEHRI MAHAL.

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड के जंगलों में मिलने वाला आंवला अब शहरों में 200 रुपये से 300 रुपये तक।

Uttarakhand Latest

नैनीताल के ज्योलिकोट से भवाली मार्ग पर क्षेत्रीय युवाओं के द्वारा एक आधुनिक फ़ूड इंजन वेन को रोजगार स...

Uttarakhand Latest

अल्मोड़ा के रानीखेत की रेखा लोहनी पांडे हैं उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर।

Uttarakhand Latest

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण कार्य में गौचर के पास एक सुरंग हुई आर पार।

Uttarakhand Latest
यह भी पढ़िये :-  ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर पलटा ITBP का वाहन, सात जवानों के घायल होने की सूचना।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.