Home » Culture » Uttarakhand me Chalta Firta Jungle – उत्तराखंड में चलता फिरता जंगल।

Uttarakhand me Chalta Firta Jungle – उत्तराखंड में चलता फिरता जंगल।

उत्तराखंड में चलता फिरता जंगल…

यह चित्र कोई पहाड़ों में चलता-फिरता वन का न होकर पहाड़ की श्रमशील महिलाओं की गाथा बता रहा है। पहाड़ों की महिलाएं प्रातःकाल घर का कामकाज निपटाकर जंगल की ओर चली जाती हैं । फिर वहां अपने गाय बैल को खिलाने तथा चूल्हा जलाने के लिए घास लड़कियां काटकर दोपहर के पसीने के साथ लकड़ी घास के गट्ठर को अपने पीठ पर लादकर घर पहुंचती है । फिर चूल्हा जलाकर परिवार के लिए खाना बनाती है।

जंगल पहाड़ के जीवन से जुड़े हुए होते हैं । पहाड़ की लड़की का जब दूसरे गांव में विवाह हो जाता है, तो उसे अपने मायके के घर गांव से अधिक अपने मायके का जंगल याद आता है । इसलिए वह गाना गाती है –

हैं ऊंची ऊंची डांड्यों, तुम निस ह्वे जावा

Related posts:

सड़क किनारे पहाड़ी सब्जी बेच रहे नितेश सिंह बिष्ट जी स्वरोजगार कर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सीधा...

Culture

कोदे की रोटी और पिस्यूं लूण (चटनी)। 

Culture

गांव में आजकल बैलों की कोई जरूरत नहीं है छोटे ट्रैक्टर टिलर से काम चल रहा है।

Uttarakhand Latest

क्या आपने भी देखी पनचक्की? Did you also see the watermill?

Culture

उत्तराखंड में महिलाएं सडक़ किनारे मौसमी सब्जियां बेचकर परिवार की आर्थिक स्थिति को कर रही सुदृढ़

Uttarakhand Latest

चन्द्रबदनी आने वाले श्रद्धालु नजदीकी तीर्थस्थलों के दर्शन भी कर सकते हैं।

Tehri

ये वीरान पड़े खुबसूरत घर इस बात के गवाह हैं कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी वाकई में पहाड़ों के ब...

Culture

अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई उत्तराखंड के विनोद कापड़ी की पायर।

Uttarakhandi Cinema

उत्तराखंड की 9वीं की छात्र की कलाकारी देखिए चीड़ की पत्तियों से बनाई खूबसूरत टोकरियाँ।

Culture
यह भी पढ़िये :-  क्या आपने उत्तराखंड के नैन सिंह रावत का नाम सुना है । Have you heard of Nain Singh Rawat from Uttarakhand?

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.