Home » Culture » ये हैं विनोद घिल्डियाल से जिन्होंने उत्तराखंड में  पशुओं के लिए हरा चारा उगाने पर काम किया और सफल भी रहे।

ये हैं विनोद घिल्डियाल से जिन्होंने उत्तराखंड में  पशुओं के लिए हरा चारा उगाने पर काम किया और सफल भी रहे।

उत्तराखंड तभी तरक्की करेगा जब हम खुद कुछ करेंगे, ये है उत्तराखंड कीर्तिनगर ब्लॉक के अमरोली गांव (मालू पानी) निवासी विनोद घिल्डियाल जी। पहले उन्होंने पशुओं के लिए हरा चारा उगाने पर काम किया और सफल भी रहे। अब वे मालू पत्तों से पत्तल,दोनें आदि बनाने का कार्य घर पर ही कर रहे हैं। मालू पत्तों के दोने और पत्तल जहां स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं वहीं पर्यावरण अनुकूल भी है। इस काम में उन्होंने स्थानीय 8-10 ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है। हमें इस प्रकार के लगनशील व मेहनती काम करने वाले लोगों को बढ़ावा देना चाहिए। तभी वोकल फार लोकल का सपना साकार होगा।

 

 

Related posts:

क्या आपने उत्तराखंड के नैन सिंह रावत का नाम सुना है । Have you heard of Nain Singh Rawat from Uttara...

Culture

पहाड़ी शैली में बने "पठाल" की छत वाले घर उत्तराखण्ड की समृद्ध वास्तुकला के प्रतीक हैं।

General Knowledge

पहाड़ी क्षेत्रों मे होने वाली सब्जी ककोड़ा, मीठा करेला, परमल सज्ञा करेला और भी कई नामों से जाना जाता ह...

Culture

ये हैं पौड़ी गढ़वाल के चौंदकोट क्वीई गाँव की नूतन पंत पहाड़ों में मशरुम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आदि ...

Culture

सतपुतिया !आम भाषा में तोरई या झींगी भी लोग कहते हैं!

Agriculture

लैंटाना की झड़ी जो मच्छरों को प्रतिकर्षित और कीट नाशक का काम भी करती है।

Agriculture

इन बांज पौडि गें। पाणी-पंदेरा।

Culture

पहले गांव के लोग गरीब थे तब तांबा पीतल के बर्तन में खाना बनाते थे।

Culture

उत्तराखंड की शादीयों में "अरसे" बनाने की रस्म जरूरी है।

Culture
यह भी पढ़िये :-  मीठे करेले की सब्जी उत्तराखंड में बरसात का मौसम में।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.