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टिहरी झील में बगैर लाइफ जैकेट के तैरकर पिता-पुत्रों ने रचा इतिहास। 18 किमी की दूरी औसतन 9 घंटे में की पूरी।

टिहरी झील में बगैर लाइफ जैकेट के तैरकर पिता-पुत्रों ने रचा इतिहास। 18 किमी की दूरी औसतन 9 घंटे में की पूरी।
पिता-पुत्रों ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। जबकि टीएचडीसी के आफिसर पहली बार इस स्पर्धा में शामिल हुए।

पिता संग दो बेटों ने रचा इतिहास बिना लाइफ जैकेट टिहरी झील को किया पार प्रतापनगर क्षेत्र के मोटणा निवासी त्रिलोक सिंह रावत व उनके दो बेटे ऋषभ और पारस ने कोटी कॉलोनी से छाम तक लगभग 18 km तैराकी कर अपना पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, पिछला रिकॉर्ड 15 km का था, इस बार साथ में उनके हरीश गिरी ने भी 18 km तैरकर सभी को प्रभावित किया।

टिहरी के पिता और दो पुत्रों ने रचा इतिहास, टिहरी झील को इतने घंटे में तैरकर किया पार और बनाया विश्व रिकॉर्ड
उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है क्योंकि इस समय उत्तराखंड में दो बेटों ने इतिहास रच रच दिया है। जिसका कारण भी हम आपको बताते हैं सबसे कम वक्त में तैर कर पार की है “टिहरी झील” जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा त्रिलोक सिंह रावत और उनके दो पुत्रों ने रिकॉर्ड को स्थापित कर दिया हैं। उन्होंने बेहद कम समय में पार की हैं टिहरी झील। वही आपको बता दें, यह दोनों पुत्र संबंध रखते हैं #मोटणा गांव से इस गांव के निवासी त्रिलोक सिंह रावत को ढेरों बधाई। उनके दो बेटों ने तैरकर इतिहास रच डाला है। और बनाया विश्व रिकॉर्ड त्रिलोक सिंह रावत जी व उनके दोनों सुपुत्रों के लिए ऐतिहासिक रहा, साथ ही टिहरी बांध जलाशय में एक नया रिकॉर्ड बना है, आपको बताते चलें कि आज टिहरी के कोटी कालोनी से लेकर स्यांसु पुल तक मोटना गांव निवासी बड़े त्रिलोक सिंह रावत व उनके दोनों तैराक बच्चे ऋषभ व पारसवीर ने तैरकर के नया रिकार्ड अपने नाम दर्ज किया है। और बनाया विश्व रिकार्ड पिछला रिकॉर्ड भी इन्ही पिता पुत्रों के नाम था जो उन्होंने सितंबर 2021 को बनाया था, तब उन्होंने कोटी कालोनी से भल्डियाना तक तैरकर रिकॉर्ड अपने नाम किया था, आज उन्होंने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

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