Home » Uttarakhand Latest » देवभूमि उत्तराखंड में पलायन के बाद ऐसे ही बहुत से घर आज विरान पड़ चुके हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में पलायन के बाद ऐसे ही बहुत से घर आज विरान पड़ चुके हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में पलायन के बाद ऐसे ही बहुत से घर आज विरान पड़ चुके हैं। ऐसे में बहुत दिनों से खाली पड़े ये घर भी अब धीरे-धीरे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके हैं। गांव की ऐसी तस्वीरों को देखकर दिल में बहुत दुःख होता हैं। कही न कही शहर की आधुनिकता पहाड़ों की खूबसूरती को धीरे-धीरे खा गई।

हमारे पूर्वजों ने जो घर बनाए थे वो भूकम्प में अवश्य खिसकते थे औऱ दरारें भी पड़ती थी पर किसी की मौत नही होती थी,लेकिन वो वर्तमान बिल्डिंगों की तरह धराशायी नहीं होते थे !

हमारे पूर्वज एक सीमित जगह में सुखी से जीवन व्यतीत करके चले गए । लेकिन आज का मानव अपना पूरा जीवन “कोठी के ऊपर कोठी” बनाने में बर्बाद कर देते है। 

यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड की पहली महिला रेलवे असिस्टेंट लोको पायलेट अंजलि शाह। अंजलि पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल निवासी हैं।

Related posts:

उत्तराखंड के साथ साथ देश का गौरव 'अंगद बिष्ट' का विश्व की सबसे खतरनाक फाइट MMA (Mixed Martial Arts) ...

Uttarakhand Latest

उत्तराखण्ड युवा मंच चंडीगढ़ द्वारा भाई मदन तिवारी जी के पिता स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश तिवारी जी की याद...

Uttarakhand Latest

पिथौरागढ़ के आसमान में बादलों के बारे में इंटरनेट पर सर्च करने पर मिली कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड के IT प्रोफेशनल नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम की व्यावसायिक खेती को सफलतापूर्वक अंजाम दिया

Agriculture

इंजीनियरिंग की नौकरी छोड शुरू किया पहाड़ में स्वरोजगार बन गए आज एप्पल मैन।

Uttarakhand Latest

वाहन चालकों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण। टोल की रसीद की कीमत को समझें और उसका उपयोग करें।

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी अर्जुन पंवार सेब की खेती से युवाओं के सामने नई मिसाल पेश कर रहे है।

Uttarakhand Tourism

उत्तराखंड रुद्रप्रयाग के अंगद बिष्ट ने MMA (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स)में चीन में रविवार को हुए फ्लाईवेट...

Culture

एमएफएन 15 के विजेता उत्तराखंड के लाल दिगंबर सिंह रावत। 

Khel-Khiladi

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Comments

  1. ललित पंत says:

    सही बात है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.