Home » Culture » पहले गांव के लोग गरीब थे तब तांबा पीतल के बर्तन में खाना बनाते थे।

पहले गांव के लोग गरीब थे तब तांबा पीतल के बर्तन में खाना बनाते थे।

पहले गांव के लोग गरीब थे तब तांबा पीतल के बर्तन में खाना बनाते थे। अब लोग अमीर हैं साहब स्टील अल्युमिनियम में खाना बनता है जय देव भूमि उत्तराखंड। 

Related posts:

उत्तराखंड के शहीद पत्रकार और कवि उमेश डोभाल। Martyr journalist and poet Umesh Dobhal of Uttarakhand.

Culture

उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली शशि बनी नमकवाली आंटी जी ने पहाड़ी पिसे नमक को बनाया देश-विदेश म...

Pauri

गाँव के मुहाने वाला घर जहा सब मिल दातुली मे धार लगाते थे। 

Culture

पूरी बाखली पलायन कर गयी जहां कभी खुशियाँ बसती थी। The entire Bakhli has fled where happiness used to...

Culture

कुमाऊँ में दीपावली पर ऐपण डालने की परम्परा। Tradition of applying Aipan on Diwali in Kumaon.

Kumaon

कुमाटी की 150 साल पुरानी यह बाखली। इस बाखली में आज भी 10 से 12 परिवार रहते हैं।

Kumaon

एक दौर था जब खेतों मे क्रिकेट मैच खेले जाते थे गांव का किसी का भी अच्छी लोकेशन पर खेत चुनते थे।

Culture

हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा | Haar nahi Manunga Rar nahi Thanunga.

Culture

उत्तराखंड में हिमपात होने के कारण पठाल के ढालदार मकान बनाए जाते हैं।

Culture
यह भी पढ़िये :-  आराम से बैठकर खाने का यह एक अच्छा तरीका है इस तरह भोजन करने का आनंद ही कुछ और है। 

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.