Home » Culture » कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।

कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।


आप एक अलग एहसास को महसूस करेंगे और प्रकृति का जो रूप आपको देखने को मिलेगा वह अपने आप में बहुत ही अद्भुत होगा जो भी फोटो मुझे अच्छी लगती है मैं उसे जगह का नाम, वहां के बारे में जानकारी अपने पास जमा कर लेता हूं ताकि जब भी मुझे समय मिले तब मैं उसे जगह पर जा सकूं, घूम सकू, देख सकूं वहां के लोगों के बारे में, जान सकूं वहां के खान-पान के बारे में।

वहां की संस्कृतियों के बारे में जान सकूं क्योंकि यही मेरा शौक है और इसी में मुझे आनंद मिलता है जब आप घर के बाहर निकलते हैं तब आपको घर का असली मूल्य समझ में आता है और घूमने की जो यादें होती है यह जीवन पर्यंत आपको बहुत ही सुखद अहसास कराती है। भले ही आपको घूमने के दौरान कितनी भी तकलीफें हुई हो या कितनी भी प्रॉब्लम्स को आपने फेस किया हो घूमना आपको आत्मनिर्भर बनाता है और खुद के दम पर निर्णय लेने, डिसीजन लेने के योग्य बनाता हैं 🙏

यह भी पढ़िये :-  क्या है भोजन विधि का वैज्ञानिक रहस्य?

आप कहीं भी जाएं तो कोशिश करें कि वहां के लोकल के लोगों के साथ बैठे, उनसे बातचीत करें, उनके बारे में जाने, उनसे उनके संस्कृति, खानपान के बारे में भी बात करें तभी आप असली घूमने का आनंद ले पाएंगे।

Related posts:

उत्तराखंड के शहीद पत्रकार और कवि उमेश डोभाल। Martyr journalist and poet Umesh Dobhal of Uttarakhand.

Culture

स्वरोजगार की मिसाल दे रही हैं पौड़ी की बसंती नेगी। Swarojgaar Ki Misal de rahi hai Pauri ki Basanti ...

Culture

Uttarakhand me Chalta Firta Jungle - उत्तराखंड में चलता फिरता जंगल।

Culture

छोड़ आया हूँ मैं गांव की 1000 गज में बनी हवेली, शहर में 100 गज के मकान को अपनी तरक्की बताता हूँ, तिबा...

Uttarakhand Latest

कुमाटी की 150 साल पुरानी यह बाखली। इस बाखली में आज भी 10 से 12 परिवार रहते हैं।

Kumaon

बाणासुर का किला लोहाघाट चम्पावत, उत्तराखंड। Banasur Fort Lohaghat Champawat, Uttarakhand.

Culture

उत्तराखण्ड राज्य की बेहतरी के लिए योगदान दें 🙏, केवल उत्सव-प्रदर्शन तक सीमित ना रहें।

Culture

निराशवादियों को इस टमाटर के पौधे से कुछ सीख लेनी चाहिए।

Culture

यह है उत्तराखंड की "पहाड़ी थार" "Pahadi Thar" 90 के दशक मे पहाड़ौ मे राज करती थी।

Culture

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.