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कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।


आप एक अलग एहसास को महसूस करेंगे और प्रकृति का जो रूप आपको देखने को मिलेगा वह अपने आप में बहुत ही अद्भुत होगा जो भी फोटो मुझे अच्छी लगती है मैं उसे जगह का नाम, वहां के बारे में जानकारी अपने पास जमा कर लेता हूं ताकि जब भी मुझे समय मिले तब मैं उसे जगह पर जा सकूं, घूम सकू, देख सकूं वहां के लोगों के बारे में, जान सकूं वहां के खान-पान के बारे में।

वहां की संस्कृतियों के बारे में जान सकूं क्योंकि यही मेरा शौक है और इसी में मुझे आनंद मिलता है जब आप घर के बाहर निकलते हैं तब आपको घर का असली मूल्य समझ में आता है और घूमने की जो यादें होती है यह जीवन पर्यंत आपको बहुत ही सुखद अहसास कराती है। भले ही आपको घूमने के दौरान कितनी भी तकलीफें हुई हो या कितनी भी प्रॉब्लम्स को आपने फेस किया हो घूमना आपको आत्मनिर्भर बनाता है और खुद के दम पर निर्णय लेने, डिसीजन लेने के योग्य बनाता हैं 🙏

यह भी पढ़िये :-  वरुण बडोला (Varun Badola) अपने एक इंटरव्यू में कहते सुनाई दिए कि "पहाड़ी तो मैं पूरा हूँ।"

आप कहीं भी जाएं तो कोशिश करें कि वहां के लोकल के लोगों के साथ बैठे, उनसे बातचीत करें, उनके बारे में जाने, उनसे उनके संस्कृति, खानपान के बारे में भी बात करें तभी आप असली घूमने का आनंद ले पाएंगे।

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