
सतपुली और गुमखाल के बीच पहाड़ी दाल का बोर्ड आपको दिखाई देगा। वहां पर आपको गांव का मंडवा ,झंगोरा ,कोदू , तिल ,जख्या ,भट्ट, रयांस, छीमी, गैहत की दाले मिल जाएगी। थोड़ा-थोड़ा लेकर जाना गांव की याद आएगी तो बना कर खाना। इससे गांव वालों को स्वरोजगार भी मिलेगा और आपको खाने के लिए पहाड़ी दाल।


Related posts:
गोरसों बुग्याल चमोली गढ़वाल उत्तराखंड। Gorson Bugyal Chamoli Garhwal Uttarakhand.
Chamoli
ये हैं पौड़ी गढ़वाल के चौंदकोट क्वीई गाँव की नूतन पंत पहाड़ों में मशरुम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आदि ...
Culture
ढैली गाँव, अल्मोड़ा, उत्तराखंड। Dholi Village, Almora Uttarakhand.
Our Village
कानाताल मसूरी से दो घंटे की दूरी पर ऐसी जगह है जहाँ आप भागदौड़ भरी ज़िंदगी से दूर प्रकृति को महसूस क...
Uttarakhand Tourism
पौडी जिले के कोट गाँव मे सीता माँ का मंदिर है,कहते है यहीं माँ सीता पृथ्वी में समा गई थीं।
Our Village
पोस्टर भले ही काल्पनिक है, और नैनीताल का है। जिसमें 2040 में झील सूख गई है।
Uttarakhand Tourism
बागेश्वर के श्री राजेंदर कोरंगा ने कीवी की खेती करके क्षेत्र को रोजगार का एक नया विकल्प दिया।
Uttarakhand Tourism
इन दिनों मिर्च घर आंगनों में सूखती नजर आ रही हैं यह तस्वीरें पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल विकास खंड के स...
Our Village
सांगलाकोटि गांव पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड। Sanglakoti Village, Pauri Garhwal, Uttarakhand.
Our Village
Bahut accha hai
Mai poora support karta hun aapka jinhone jo aise vichar rakhta hai,apne pahadon kabhi mat bhulo koi jahan bhi raho magar apni Sanskriti ko mat bhulo.
Jai dev bhumi uttrakhand
बहुत अच्छी जानकारी है।