हमारे बुजर्गो ने ऐसे घर मे अपना जीवन यापन किया है। देखकर ही लगता है कितना शांत और प्यारा समय रहा होगा।मकान कच्चे थे लेकिन लोग और रिश्तो मे अपनापन और ईमानदारी थी।

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