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उत्तराखंड के लोक गायक पप्पू कार्की का जीवन परिचय। Biography of Uttarakhand folk singer Pappu Karki.

लोक गायक पप्पू कार्की की गायकी का सफर थल रामलीला से शुरू हुआ। वर्ष 1995 में जूनियर की शिक्षा के दौरान उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी आवाज का जादू बिखेरा था। रामलीला में एक कार्यक्रम में गायकी के दौरान सीनियर गायक कृष्ण सिंह कार्की की नजर उन पड़ी। इसके बाद वे गायकी के क्षेत्र में एक के बाद एक कार्यक्रम कर आगे बढ़ते रहे, अब पिता पप्पू कार्की के लिए बेटे दक्ष ने गाया भावुक गीत स्वर्गीय पप्पू कार्की के लिए उनके बेटे दक्ष ने एक भावुक गीत गाया है। ये गीत सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हो रहा है। आप भी सुनिए ये जबरदस्त पेशकश। 

स्वर्गीय पप्पू कार्की उत्तराखंड की इस महान आत्मा के लिए जितने भी शब्द कहें, वो कम हैं। 10 साल के बेटे की जिंदगी से पिता का चले जाना किस गहरे दुख से कम नहीं। उस दुख शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन मासूम दक्ष की आवाज में ये गीत सुनकर आपके जेहन में पप्पू दा एक बार फिर से जीवित हो उठेंगे। अपने पिता के गीत को दक्ष ने बेहतरीन सुरों में समेटा है और अपने पिता को ही समर्पित किया है। जिस तरह से पप्पू कार्की संगीत की दुनियाँ में कम उम्र में ही छा गए थे, कुछ वैसा ही अंदाज मासूम दक्ष का भी दिख रहा है। पिता की आवाज़ में जो खनक और कसक थी, वो ही अंदाज दक्ष कार्की की आवाज़ में दिख रहा है।

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