ना फिल्टर का शोर, ना ब्रांड का मोल। बस पहाड़ों का पानी प्रकृति की सबसे अनमोल देन। शुद्धता की पहचान, रूह की प्यास बुझाने वाला।
ना फिल्टर का शोर, ना ब्रांड का मोल। बस पहाड़ों का पानी प्रकृति की सबसे अनमोल देन।


ना फिल्टर का शोर, ना ब्रांड का मोल। बस पहाड़ों का पानी प्रकृति की सबसे अनमोल देन। शुद्धता की पहचान, रूह की प्यास बुझाने वाला।

चाहे ठंड हो या गरम, पहाड़ में चाय पीने में न कर शर्म , यहां पल में मौसम बदल जायेगा, तब तू बड़ा पछतायेगा।

छोड़ आया हूँ मैं गांव की 1000 गज में बनी हवेली, शहर में 100 गज के मकान को अपनी तरक्की बताता हूँ, तिबारी गांव की।

उत्तराखंड की बेटियों के नखरे के चलते युवा पीढ़ी परेशान है लड़कियों के शो नखरो को उठाने से अच्छा है उत्तराखंड के बेटे अन्य राज्यों से बेटियां ला रहे हैं और अन्य राज्य की बेटियां अपने उत्तराखंड की बहू बन रही है नागालैंड की बेटी...

उस दौर के खानपान परंपरा में भाति-भाति के निषेधों और रूढियों के अलावा छकोसलेबाजी भी कम नहीं थी। विषेशकर उच्च जाति के लोगों में कई तरह के ढोंग प्रचलित थे। प्रोफेसर डीडी शर्मा के मुताबिक विशेषकर पुरोहित वर्गीय ब्राह्मणों में एक बहुत बड़ा ढोंग यह...

हिमालय के उत्तराखंड में नैनीताल झील के मनोरम दृश्य (1890 के दशक)

उत्तराखंड में चलता फिरता जंगल… यह चित्र कोई पहाड़ों में चलता-फिरता वन का न होकर पहाड़ की श्रमशील महिलाओं की गाथा बता रहा है। पहाड़ों की महिलाएं प्रातःकाल घर का कामकाज निपटाकर जंगल की ओर चली जाती हैं । फिर वहां अपने गाय बैल को...

Singori Mithai – सिंगोरी मिठाई। देखते ही याद आया पुराना टिहरी।

गांव की दोपहर में पेड़ की छांव और घर के छज्जे की ठंडक, किसी एयर कंडीशनर से कम नहीं होती।

मैं धड़कता हूं, लोगों के दिलों में ………………… पहाड़ के शहीद पत्रकार और कवि उमेश डोभाल की शहादत को आज 37 साल पूरे हुए जन्म -1952 पौड़ी गढ़वाल। शहादत (हत्या) – 25 मार्च 1988, शराब माफिया द्वारा पौड़ी गढ़वाल में। आइए, अवतार सिंह पाश की...