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दुनिया को पृथ्वी के गोल होने का कन्फर्म ज्ञान आज से 500-600 साल पहले मिला, जबकि यह मूर्ति जगन्नाथ मंदिर में हजारों साल पहले से है।

इस मूर्ति को गौर से देखो।  यह विष्णु भगवान के वराह अवतार की है जिसमे वह पृथ्वी को समुद्र में से निकालते हुए दिखाए गए है।  अब सबसे बड़ा आश्चर्य ये होता है की इसमें पृथ्वी का आकार गोल दिखाया गया।  और दुनिया को पृथ्वी...

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जब कृष्ण वृंदावन छोड़ कर मथुरा की तरफ प्रस्थान करने लगे तो राधा से अंतिम विदा लेने यमुना के घाट पर पहुंचे। 

जहां राधे अपने पैर यमुना की लहरों में भिगोए कृष्ण की ही प्रतीक्षा कर रही थीं।जबसे उन्होंने कृष्ण का मथुरा जाने का मंतव्य जाना था तभी से राधे का मन व्याकुल था। कृष्ण आए और राधा के पास बैठ घंटो सांत्वना और वापस वृंदावन लौट...

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रावण का कैलाश पर्वत को उठाना, जीवन की बहुत बड़ी सीख है। 

पुराणों स्मृतियों में हम पाते है, शिवजी ने सबको ज्ञान दिया है, सबको समझाया है लेकिन उन्होंने रावण को कभी नही समझाया। किसी ने शंकरजी से पूछा – प्रभु आप सबको समझाते है, आप रावण को क्यों नही समझाते ? शंकर जी ने कहा :-क्योंकि...

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ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) का त्योहार 8 सितंबर 2024

आज 8 सितंबर 2024 को ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) का त्योहार है. आज स्त्रियां सप्तऋषि की पूजा करें और इस दौरान “ॐ सप्तऋषये नमः” मंत्र का जाप करें। क्या आप जानते है कि हरिद्वार से देहरादून प्रवेश पर लक्ष्मण सिद्ध स्थान में जंगल के बीच...

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चण्डीगढ़ की सबसे पुरानी रामलीला गढ़वाल रामलीला सैक्टर – 22 के कलाकारों ने शुरू की रामलीला की रिहर्सल।

चण्डीगढ़ 7 सितंबर। यहां सितंबर का महीना भी शुरू हुआ वहां रामलीला की रिहर्सल शुरू हो गई हैं। चंडीगढ़ में लगभग 42 जगहों पर रामलीला का मंचन होता है। जिनमें से लगभग आधी रामलीलाओं का मंचन उत्तराखंड समाज के लोगों द्वारा किया जाता हैं। गढ़वाल...

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भ्यूंडार घाटी का नंदाष्टमी पर्व। फुलारी, ब्रहमकमल, दांकुडी और नंदा के जैकारों से जागृत हो उठता है माँ नंदा का थान

10 सितम्बर से 13 सितम्बर तक होगा भव्य आयोजन।  हिमालय की अधिष्टात्री देवी माँ नंदा, यहाँ के लोक में इस तरह से रची बसी है कि नंदा के बिना पहाड़ के लोक की परिकल्पना ही नहीं की जा सकती है। नंदा से अगाढ प्रेम की...

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रामायण के कुछ रोचक तथ्य। जो आपको याद रखने चाहिए।

interesting facts of Ramayan

1. रामायण को महर्षि वाल्मीकि जी ने लिखा था तथा इस महाग्रंथ में 24,000 श्लोक, 500 उपखंड तथा उत्तर सहित सात कांड है | 2. जिस समय दशरथ जी ने पुत्रेष्ठी यज्ञ किया था उस समय दशरथ जी की आयु 60 वर्ष थी | 3....

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गोबर-गणेश की पूजा कैसे की जाती है क्या है इसकी विधि?

gobar ganesh ki pooja

समुद्र मंथन में अद्भुत शक्तियों वाली पांच प्रकार की गाएं निकलीं- नंदा, सुभद्रा, सुरभि,सुशीला और बहुला। इन गायों को कामधेनु कहा गया। मंथन से निकले विष को महादेव ने पीकर देवों और असुरों दोनों को संकट से बचाया था। इसलिए महादेव को प्रसन्न करने के...

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