Home » Culture » पहाड़ की असली पहचान वह ऊनी टोपी और सादगी से सिर पर लपेटा गया शॉल था। The real identity of the mountain was that woolen cap and the shawl.

पहाड़ की असली पहचान वह ऊनी टोपी और सादगी से सिर पर लपेटा गया शॉल था। The real identity of the mountain was that woolen cap and the shawl.

पहाड़ की असली पहचान वह ऊनी टोपी और सादगी से सिर पर लपेटा गया शॉल था, जो मेहनतकश जीवन और लोकसंस्कृति का प्रतीक रहा। महिलाओं के सिर का शॉल और पुरुषों की हाथ से बुनी टोपी में पहाड़ की मिट्टी की महक थी। आज फैशन के नाम पर आधुनिक रंगों-डिज़ाइनों वाली टोपियाँ उत्तराखंडी कहलाने लगी हैं, जबकि वे परंपरा से कोसों दूर हैं।

Related posts:

पहाड़ी क्षेत्रों में होटलो का जो स्वरूप था अब वह बदल रहा है वहां पर छोटे-छोटे कॉटेज नुमा घर बन रहे ह...

Culture

उत्तराखंड की "पहाड़ी बाखली" हर तरफ शांति और सुकून,खूबसूरत पहाड़ों की वादियाँ। 

Culture

पहाड़ों मे होने वाली सब्जियां जो बरसात के समय मे होती है।

Culture

उत्तराखण्ड युवा मंच चंडीगढ़ द्वारा भाई मदन तिवारी जी के पिता स्वर्गीय श्री ओम प्रकाश तिवारी जी की याद...

Uttarakhand Latest

Tomik Village Munsiyari Uttarakhand - मुनस्यारी के तोमिक गांव का सुंदर नजारा।

Our Village

न्यू टिहरी उत्तराखंड, New Tehri Uttarakhand.

Uttarakhand Tourism

रुद्रप्रयाग जनपद के तीनों भाई-बहनों ने यूट्यूब पर अपना कैरियर बना कर एक मिसाल पेश की।

Uttarakhand Latest

तीन मंजिला मकानों की कतारों को कुमाऊं में बाखली कहा जाता है। Rows of three-storey houses are called ...

Culture

बंद पड़े ताले 🔐 , आँगन में उगती घास 🍀, वीरान होते पहाड़।

Culture
यह भी पढ़िये :-  पहाड़ी क्षेत्रों मे होने वाली सब्जी ककोड़ा, मीठा करेला, परमल सज्ञा करेला और भी कई नामों से जाना जाता है

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.