Home » Pauri » पित्रों की भूमि को नहीं छोड़ पाए देवेन्द्र ग्राम उमड़ा पौड़ी गढ़वाल के। Devendra could not leave the land of his ancestors in village Umda, Pauri Garhwal.

पित्रों की भूमि को नहीं छोड़ पाए देवेन्द्र ग्राम उमड़ा पौड़ी गढ़वाल के। Devendra could not leave the land of his ancestors in village Umda, Pauri Garhwal.

दोस्तों ये है देवेन्द्र प्रसाद, उत्तराखण्ड राज्य के पौड़ी जिला अंर्तगत, ब्लॉक यमकेश्वर के ग्राम उमड़ा, डांग के निवासी है। पित्रों की भूमि को नहीं छोड़ पाए देवेन्द्र। ये हैं, तो जिंदा है गांव आज भी। देवेन्द्र प्रसाद जैसे ही सैकड़ों किसानों की बदौलत उत्तराखण्ड के गांव जीवित हैं। जो धारा के विपरीत पलायन को मात देकर इन पहाड़ों में अनाज रूपी रत्न उगा रहे हैं। उत्तराखण्ड में घोस्ट विलेज की तस्वीर को बदलकर समृद्ध व सामर्थ्यवान प्रदेश की छवि बना रहे हैं। देवेन्द्र प्रसाद जैसे किसानों को दिल से सलाम।

Related posts:

उज्याडी गाँव पट्टी गगवाड़स्यू, पौडी गढ़वाल, उत्तराखंड। Ujyadi Village Patti Gagwadasyu, Pauri Garhwal,...

Our Village

11 से 14 सितंबर तक उत्तराखंड के हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी जिले  में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज औ...

Uttarakhand Latest

ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे पर पलटा ITBP का वाहन, सात जवानों के घायल होने की सूचना।

Uttarakhand Latest

डिगोली गांव, पौडी गढ़वाल, उत्तराखंड। Digoli Village Pauri Garhwal Uttarakhand.

Our Village

पहाड़ की असली पहचान वह ऊनी टोपी और सादगी से सिर पर लपेटा गया शॉल था। The real identity of the mounta...

Culture

सुबह सबेरे 6:00 बजे अपना पौड़ी। Our Pauri at 6:00 in the morning.

Pauri

कोई इन कलाकारो को भी सोसल मिडिया मे फेमस कर दो ताकी इनका घर चल सके।

Uttarakhand Latest

अल्मोड़ा के दीपक ने काफल की चाय बनाकर किया दुनिया को दीवाना, विदेशियों को भी लगा चाय का चस्का।

Uttarakhand Tourism

इंजीनियर प्रवीन और उनकी पत्नी सोनी को नहीं पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।

Uttarakhand Latest
यह भी पढ़िये :-  ये गजे सिंह जी है, उम्र में 66 साल के गजे सिंह जी का कोई एक ठिकाना नहीं है।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.