Home » Culture » 1932 मे बद्रीनाथ, वहाँ के रावल और बद्रीनाथ में रस्सी से बने पुल की तस्वीर। Photo of Badrinath in 1932, its Rawal and the rope bridge at Badrinath.

1932 मे बद्रीनाथ, वहाँ के रावल और बद्रीनाथ में रस्सी से बने पुल की तस्वीर। Photo of Badrinath in 1932, its Rawal and the rope bridge at Badrinath.

1932: बद्रीनाथ के रावल और बद्रीनाथ की तस्वीर। 1932 में बद्रीनाथ में रस्सी से बना पुल था। मंदिर प्रबंधन कर्मचारियों की पोशाक देखें। मैंने झंडा मेले के दौरान गुरु राम राय दरबार के महंत के साथ चलने वाले कर्मचारियों को भी ऐसी ही पोशाक पहने हुए देखा है। हालांकि मुझे यकीन नहीं है कि दरबार साहिब में अब भी यही पोशाक पहनी जाती है या नहीं। फोटो में कुछ पहाड़ी लोग भी पारंपरिक गोल टोपी पहने हुए दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Related posts:

पहाड़ के सीढ़ीनुमा खेतों में बन रहे हैं सीढ़ीनुमा मकान। Terrace Farming Inspires Step-Style Houses in U...

Culture

कैसी होती थी 90 के दशक के समय गाँव की शादी समारोह?

Culture

बड़ेथ गांव, थलीसैंण ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

Our Village

पूरी बाखली पलायन कर गयी जहां कभी खुशियाँ बसती थी। The entire Bakhli has fled where happiness used to...

Culture

पहाड़ो मैं इस टाइप के घर कितने अच्छे लगते है बिल्कुल सुनसान जगहों पर।

Culture

विलुप्त होती घर के छत लगाने की प्राचीन और भरोसेमंद विधि स्लेट।

Our Village

Gwad Village near Khirsu, Pauri Garhwal

Culture

पहाड़ी क्षेत्रों में होटलो का जो स्वरूप था अब वह बदल रहा है वहां पर छोटे-छोटे कॉटेज नुमा घर बन रहे ह...

Culture

पहाड़ों में बना पुरानी शैली के सुन्दर मकान। Beautiful old style house built in the mountains.

Culture
यह भी पढ़िये :-  ना फिल्टर का शोर, ना ब्रांड का मोल। बस पहाड़ों का पानी प्रकृति की सबसे अनमोल देन।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.