पहाड़ को आज भी ऐसे ही लोग जिंदा कर सकते हैं जो अपने बंजर पड़े खेतों को आबाद कर स्वरोजगार पैदा कर रहे हैं।
मटकुण्ड गांव,बीरोंखाल पौड़ी गढ़वाल की श्रीमती धनी कांति चंद और उनके पति विजय पाल चंद ऐसे ही मेहनतकश पहाड़ी बागवान हैं जो आज बागवानी के बल पर आत्मनिर्भर हैं।

Related posts:
पौड़ी और अदवानी डांडा नागराजा के बीच का लोकेशन। जय हो देवभूमि उत्तराखंड।
Pauri
कुटी गांव, धारचूला, उत्तराखंड, हिमालय पर्वतों के बीचों बीच बसा खूबसूरत गाँव।
Our Village
अपना पहाड़ी कल्चर और रीती रिवाज दगड़ियों किस-किस को पसंद आता है
Culture
ओम पर्वत से पहली बार बर्फ गायब | For the first time snow disappeared from Om Parvat।
Culture
पीपल डाली पुल - टेहरी गढ़वाल उत्तराखंड
Uttarakhand Tourism
नैनीताल झील की खूबसूरत वादियाँ - जय देवभूमि जय उत्तराखंड
Uttarakhand Tourism
देसी शराब के एक ब्रांड का नाम काफल और माल्टा पर रखे जाने पर उत्तराखंड में कुछ लोगों की भावनाएं को ठे...
Culture
Green Road "हरी सड़क उत्तराखंड की" यह तकनीक उत्तराखंड से बाहर नहीं जानी चाहिये ।
Pauri
जीवन की पहली किताब उस रोशनी के नाम थी जिसे हम ‘लम्फू’ कहते थे।
Culture






