Home » Culture » कोदे की रोटी खाने का आनंद ही अलग है खासकर जब भूख लगी हो।

कोदे की रोटी खाने का आनंद ही अलग है खासकर जब भूख लगी हो।

कोदे की रोटी खाने का आनंद ही अलग है खासकर जब भूख लगी हो- जब कभी हल लगाकर और जंगल में लकड़ी काटकर घर आता तो घी और गुड़ के साथ या ऐसे ही खा जाता था वो दिन कभी लौट भी आएंगे कि नहीं यही सोचता हूँ- आप क्या सोचते हैं ? अपने अनुभव भी कमेंट में साझा करें मित्रों। 

Related posts:

फिर आ गया अशोज का महिना! जिसका हर पहाड़ी को इंतजार रहता !

Agriculture

पलायन की मार झेलता ये घर। पहाड़ो में ऐसे सेंकड़ों मकानों की जजर्र हालत बन गई है ।

Culture

ओम पर्वत से पहली बार बर्फ गायब | For the first time snow disappeared from Om Parvat।

Culture

उत्तराखंड के पहाड़ बहुत सुंदर हुए इसीलिए नजर लग गई।

Culture

उत्तराखंड के शहीद पत्रकार और कवि उमेश डोभाल। Martyr journalist and poet Umesh Dobhal of Uttarakhand.

Culture

उत्तराखंड में ऐसे घरों को "बाखली" पहाड़ी घरों का समूह होता है जिनमे कई परिवार रहते है। 

Culture

पत्तों से बनी पतरी(पत्तल )और मिट्टी से बने भुरका (कुल्हड़) में विवाह इत्यादि सभी कार्यक्रम में अतिथि...

Culture

पहाड़ का आदमी रिटायर होने के बाद अपनी जिंदगी भर की कमाई पूंजी देहरादून-दिल्ली में मकान बनाकर क्यों खर...

Culture

उत्तराखंड में हिमपात होने के कारण पठाल के ढालदार मकान बनाए जाते हैं।

Culture
यह भी पढ़िये :-  यही हैं बेडू। उत्तराखंड के बेहतरीन बेडू 250.00 किलो तक बिकता है ।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.