Home » Culture » पहाड़ में कई बुजुर्गों की जिंदगी की सच्चाई है। This is the truth of the lives of many elderly people in the mountains.

पहाड़ में कई बुजुर्गों की जिंदगी की सच्चाई है। This is the truth of the lives of many elderly people in the mountains.

तुमरी खुद अब कै तैं नि लगणीं तुम खुदेणां छां त खुदे ल्या। गढ़रत्न नेगी जी के महान गीत की ये पंक्तियां एकदम पहाड़ में कई बुजुर्गों की जिंदगी की सच्चाई है।

Related posts:

गढ़वाल के पारंपरिक व्यंजनों के लिए "बूढ़ दादी" होटल हरिद्वार रोड शास्त्री नगर उत्तराखंड।

Culture

काफल पर एक लघु कहानी - A short story on Kafal.

Culture

उत्तराखंड की बेटियों के नखरे के चलते "नागालैंड की बेटी बनी दानपुर की बहु"।

Culture

भ्यूंडार घाटी का नंदाष्टमी पर्व। फुलारी, ब्रहमकमल, दांकुडी और नंदा के जैकारों से जागृत हो उठता है मा...

Dharmik

पहाड़ का आदमी रिटायर होने के बाद अपनी जिंदगी भर की कमाई पूंजी देहरादून-दिल्ली में मकान बनाकर क्यों खर...

Culture

कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।

Culture

मिट्टी के घर उत्तराखंड के पौराणिक संस्कृति का हिस्सा है। Mud houses are part of the ancient culture ...

Culture

ब्रह्मकमल पुष्प, छिपला केदार, मुनस्यारी। ब्रह्म कमल उत्तराखंड का राज्य पुष्प है। 

Culture

Shree Yamuna ji at Nainbag, Tehri - Yamuna River view at Nainbag, Tehri Garhwal, Uttarakhand.

Culture
यह भी पढ़िये :-  कुमाऊँ में दीपावली पर ऐपण डालने की परम्परा। Tradition of applying Aipan on Diwali in Kumaon.

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.