Home » Culture » हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा | Haar nahi Manunga Rar nahi Thanunga.

हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा | Haar nahi Manunga Rar nahi Thanunga.

अपने जीवन की जंग हारने के बाद भी हार नहीं मानी, और यह कटा हुआ पेड़ बता रहा है कि पहले से ज्यादा अपने सिर पर बोझ लेकर के भी “मैं जीवित हूं”

haar nahi manunga rar nahi thanunga

Related posts:

अपना पहाड़ी कल्चर और रीती रिवाज दगड़ियों किस-किस को पसंद आता है

Culture

चण्डीगढ़ की सबसे पुरानी रामलीला गढ़वाल रामलीला सैक्टर – 22 के कलाकारों ने शुरू की रामलीला की रिहर्सल...

Culture

पहाड़ में कई बुजुर्गों की जिंदगी की सच्चाई है। This is the truth of the lives of many elderly people...

Culture

शहरों के बंगले भी कुछ नहीं है इन पहाड़ों के सुन्दरता के घरों की आगे। 

Culture

आखिर क्या मजबूरी रही होगी इतना अच्छा मकान और उसपे दुकान फिर भी इसको छोड़कर शहरों में पलायन करके चले ग...

Culture

बद्री दत्त बमोला, जिन्हें बद्री महाराज के नाम से जाना जाता था, फिजी में विधान परिषद के पहले भारतीय स...

Culture

उत्तराखंड की 6 पारंपरिक पहाड़ी मिट्टी/धातु कला : एक सांस्कृतिक धरोहर। 6 Traditional Hill Clay/Metal ...

Culture

पौडी गढ़वाल रिखणीखाल रथुवाढाबा - तिलक बहादुर चाय ''चाहा'' वाले।

Culture

पत्तों से बनी पतरी(पत्तल )और मिट्टी से बने भुरका (कुल्हड़) में विवाह इत्यादि सभी कार्यक्रम में अतिथि...

Culture
यह भी पढ़िये :-  फिर आ गया अशोज का महिना! जिसका हर पहाड़ी को इंतजार रहता !

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.