
“नया नौ दिन पुराना सौ दिन” पुराने समय में यह महल से कम नही होते थे यह मकान कितनी लकड़ी लगी है देवदार की आज भी इस लकड़ी की कीमत लाखों में है।
Related posts:
कोटगी गांव, खिर्सू, पौडी गढ़वाल | Kothagi village Khirsu Uttarakhand.
Our Village
जो गांव सदा के लिए डूबा दिये गए- ये टिहरी गढ़वाल के पट्टी ढुंगमंदार का घोंटी गांव है।
Our Village
उत्तराखंड की "पहाड़ी बाखली" हर तरफ शांति और सुकून,खूबसूरत पहाड़ों की वादियाँ।
Culture
खाती गाँव - पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का प्रवेश द्वार। Khati Village - Gateway to the Pindari Glacier T...
Uttarakhand Tourism
Lanka bridge Uttarkashi.
Uttarakhand Tourism
हमारे बुजर्गो ने ऐसे घर मे अपना जीवन यापन किया है।
Culture
शहरों के बंगले भी कुछ नहीं है इन पहाड़ों के सुन्दरता के घरों की आगे।
Culture
हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते थे चाहे कितनी ही विपत्ति आ जाए पर अपने पूर्वजों की घर कुड़ी मत बेचना।
Culture
1932 में बद्रीनाथ के पास हनुमान चट्टी पर तीर्थयात्री। Pilgrims at Hanuman Chatti near Badrinath in 1...
Uttarakhand Tourism






