Home » Our Village » उत्तराखंड में एक “बूढ़े बैल की आत्मकथा” मेरे मालिक ने मेरे कान का टैग तक काटकर मूझे ऐसे छोड़ दिया।

उत्तराखंड में एक “बूढ़े बैल की आत्मकथा” मेरे मालिक ने मेरे कान का टैग तक काटकर मूझे ऐसे छोड़ दिया।

मैं बैल हूं जबतक मैं जवान था मेरे मालिक ने मुझे अपने घर रखा मैंने उसके यहां हल बाया उसकी खेती की दैं हकाई गेहूं माने आज मैं बूढ़ा हो गया मेरे मालिक ने मेरे कान का टैग तक काटकर मूझे ऐसे छोड़ दिया मैं लोगों का नुकसान कर रहा हूं लोग मुझे मार मार कर यहां से वहां हांक रहे हैं मैं सभ्य कहे जाने वाले मानव समाज से पुछ रहा हूं मुझे क्यों मारते हो मेरा क्या कसूर है जिसके लिए मैंने जीवन खपाया उससे पुछो बुढ़ापे में मुझे ऐसे क्यों छोड़ा। 

मनुष्य आज इतना मतलबी बन गया है कि वह जिन माँ-बाप की कृपा से जो भी है परन्तु माँ-बाप क़ो भी घर से निकाल देते हैं, कोई तो वृद्ध आश्रम पहुंच जाते हैं कोई वहां भी नहीं पहुंच सकता हैं l यह बेचारा अब बाघ का ही इंतज़ार कर रहा होगा

यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड के टिहरी जिले में मसूरी से यमुनोत्री जाते वक्त उत्तरकाशी बाईपास पर पड़ता है पनीर वाला गाँव।

Related posts:

पहाड़ के सीढ़ीनुमा खेतों में बन रहे हैं सीढ़ीनुमा मकान। Terrace Farming Inspires Step-Style Houses in U...

Culture

🛕 Shri Raghunath Temple Devprayag – Spiritual Heritage of Tehri Garhwal, Uttarakhand, श्री रघुनाथ मं...

Culture

कालों गांव, पाबो ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड। Kalon Village Pabo Block Pauri Garhwal Uttarakhand

Our Village

प्रकृति की गोद में बसा पौड़ी जिले का खूबसूरत गांव डाबड़। Dabar Village Pauri Garhwal Uttarakhand.

Our Village

मिलिए बागेश्वर के शमा क्षेत्र के श्री राजेंदर कोरंगा जी से जो कीवी की खेती करके क्षेत्र को रोजगार का...

Our Village

Tridiva, Gwaldam, Chamoli Uttarakhand.

Our Village

उत्तराखंड के गाँवों में आज भी लोग कैसे अलग तरह से सोचते हैं इसकी एक उदाहरण।

Our Village

Tamlaag Village Gangwadsyu Pauri Garhwal Uttarakhand. ग्राम तमलाग पौड़ी गढवाल से गगवाड़स्यूँ घाटी का न...

Uttarakhand Latest

ये हैं पौड़ी गढ़वाल के चौंदकोट क्वीई गाँव की नूतन पंत पहाड़ों में मशरुम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आदि ...

Culture

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.