मैं बैल हूं जबतक मैं जवान था मेरे मालिक ने मुझे अपने घर रखा मैंने उसके यहां हल बाया उसकी खेती की दैं हकाई गेहूं माने आज मैं बूढ़ा हो गया मेरे मालिक ने मेरे कान का टैग तक काटकर मूझे ऐसे छोड़ दिया मैं लोगों का नुकसान कर रहा हूं लोग मुझे मार मार कर यहां से वहां हांक रहे हैं मैं सभ्य कहे जाने वाले मानव समाज से पुछ रहा हूं मुझे क्यों मारते हो मेरा क्या कसूर है जिसके लिए मैंने जीवन खपाया उससे पुछो बुढ़ापे में मुझे ऐसे क्यों छोड़ा।

मनुष्य आज इतना मतलबी बन गया है कि वह जिन माँ-बाप की कृपा से जो भी है परन्तु माँ-बाप क़ो भी घर से निकाल देते हैं, कोई तो वृद्ध आश्रम पहुंच जाते हैं कोई वहां भी नहीं पहुंच सकता हैं l यह बेचारा अब बाघ का ही इंतज़ार कर रहा होगा
Related posts:
गाँव मटकुंडा पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड। Matkunda Village Pauri Garhwal Uttarakhand.
Our Village
पहाड़ों के घरों में सादगी और प्रकृति का अनोखा जुड़ाव है।
Our Village
"नया नौ दिन पुराना सौ दिन" उत्तराखंड के ये मकान आज भी समय की मार से बचे हुए है।
Culture
उत्तराखंड का एक खूबसूरत गाँव❤️, मौना गांव, नारायणबगड़, चमोली Mouna Village, Narayanbagar, Chamoli
Chamoli
Gwad Village near Khirsu, Pauri Garhwal
Culture
सौड़ गांव उत्तराखंड के टिहरी जिले में कौड़िया रेंज, जाड़ीपानी के निकट, कनाताल के पास स्थित है।
Our Village
Tridiva, Gwaldam, Chamoli Uttarakhand.
Our Village
बाणासुर का किला लोहाघाट चम्पावत, उत्तराखंड। Banasur Fort Lohaghat Champawat, Uttarakhand.
Culture
अमेरिका में मड हाउस का प्रचलन शुरू हो गया हैं और हम आधुनिकता की दोड़ में अपनी विरासत को छोड़ रहें हैं...
Our Village