Home » Uttarakhand Tourism » गुलाब जामुन की मिठाई आपने खूब खाई होगी लेकिन गुलाब जामुन का फल आपने नही खाया होगा।

गुलाब जामुन की मिठाई आपने खूब खाई होगी लेकिन गुलाब जामुन का फल आपने नही खाया होगा।

गुलाब जामुन की मिठाई आपने खूब खाई होगी लेकिन गुलाब जामुन का फल आपने नही खाया होगा इस फल का नाम गुलाब जामुन है और खाने में बहुत ही मीठा और महक गुलाब जैसी आती है। 

gulab jamun fruit
आपने वैसे तो खूब गुलाब जामुन खाए होंगे, शादियों, बर्थडे पार्टी या रेस्ट्रान्ट पर, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह कई राज्यों में ऐसे पेड़ भी हैं, जहां गुलाब जामुन लगते हैं। जी हां, आपने सही पढ़ा! हम यहां मिठाई नहीं बल्कि एक तरह के फल की बात कर रहे हैं, जिसे गुलाब जामुन कहा जाता है।


बीज है लाभकारी
इस फल के जानकर इसके बीजों को न फेंकने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कई औषधीय गुण होते हैं। फल के बीज का सेवन शरीर में नए सेल्स बनाने का काम करता है। इस फल के बीज का पाउडर ब्लड शुगर स्तर को कंट्रोल कर डायबिटीज़ में फायदा पहुंचाता है।

यह भी पढ़िये :-  पोस्टर भले ही काल्पनिक है, और नैनीताल का है। जिसमें 2040 में झील सूख गई है।

पत्ते भी पहुंचाते हैं फायदा
जिस तरह इस फल के बीज डायबिटीज में फायदा पहुंचाते हैं। उसी तरह गुलाब जामुन के पत्ते भी कम नहीं हैं। इसमें मौजूद गुण किसी भी तरह की डायबिटीज़ में फायदा पहुंचा सकते हैं। इसके लिए आपको पत्तियों को सुखाना है और फिर इनका पाउडर तैयार कर लेना है। इस पाउडर को गुनगुने पानी के साथ पी लें। इससे भी शगुर को कंट्रोल किया जा सकता है।


यह अमरूद की तरह हल्का पीले-हरे रंग का होता है। यह फल पेड़ पर फरवरी में लगना शुरू हो जाता है और अप्रैल- मई तक खाने लायक हो जाता है। इसमें एक बड़ा बीज भी होता है। 

पश्चिम बंगाल में इसे पंटुआ, गोलप जैम और कालो जैम कहा जाता है. मध्य प्रदेश का जबलपुर गुलाब जामुन के लिए काफी फेमस है। 

यह भी पढ़िये :-  न्यू टिहरी उत्तराखंड, New Tehri Uttarakhand.

इस फल का यह पेड़ मुख्यत: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बंगाल, राजस्थान में पाए जाते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत उत्तर पूर्व के कुछ राज्यों में भी हैं और इसकी कीमत सौ रुपये से डेढ़ सौ रुपये किलो हैं। 

यह फल का पेड़ गोण्डा जिले के माँ मनसा नर्सरी गौरा चौकी बाजार में उपलब्ध है। 

Related posts:

रालम ग्लेशियर मुनस्यारी पिथोरागढ़ उत्तराखंड | Ralam Glacier Munsiyari Pithoragarh Uttarakhand.

Uttarakhand Tourism

2 नाली बंजर भूमि में सेब की खेती बम्पर पैदावार की, विनोद ढौंडियाल सोबरा गांव निवासी राठ ब्लॉक थलीसैं...

Our Village

उत्तराखंड के धारचूला में खेला गांव में एक प्राकृतिक स्विमिंग पूल पहले और अब।

Uttarakhand Tourism

गोरसों बुग्याल चमोली गढ़वाल उत्तराखंड। Gorson Bugyal Chamoli Garhwal Uttarakhand.

Chamoli

टिप एन टॉप,जिसे आमतौर पर टिफ़िन टॉप के नाम से भी जाना जाता है,लैंसडाउन के से सिर्फ 1.5 किलोमीटर दूर ...

Uttarakhand Tourism

ये हैं पौड़ी गढ़वाल के चौंदकोट क्वीई गाँव की नूतन पंत पहाड़ों में मशरुम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आदि ...

Culture

गैरसैंण जिसे उत्तराखंड की पामीर के नाम से भी जाना जाता है। 

Uttarakhand Tourism

दिनदयाली होम स्टे देहरादून (उत्तराखंड)। Dindayali Home Stay Dehradun (Uttarakhand).

Uttarakhand Tourism

रानीखेत भारत के उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में एक खूबसूरत हिल स्टेशन और एक छावनी शहर है।

Uttarakhand Tourism

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.