Home » Culture » बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (गगेरी) व हुड़का बनाया गया है।

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (गगेरी) व हुड़का बनाया गया है।

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (गगेरी) व हुड़का बनाया गया है।

Related posts:

1858 में  लंढौर मसूरी का रंगीन स्केच। पेंटिंग पर लिखा है 'लंढौर हाउस'। Colour sketch of Landour, Mus...

Culture

उत्तराखंड में सड़क किनारे कहीं पहाड़ी सब्जियां कोई पहाड़ी भाई या बहन बेचते हुए दिखे तो जरूर खरीदें।🙏

Culture

ये है विनोद मैठाणी अपने गाँव के प्रति प्यार ने इनको नौकरी छोड़ गाँव में ही स्वरोजगार करने की प्रेरणा ...

Culture

हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते थे चाहे कितनी ही विपत्ति आ जाए पर अपने पूर्वजों की घर कुड़ी मत बेचना।

Culture

यही हैं बेडू। उत्तराखंड के बेहतरीन बेडू 250.00 किलो तक बिकता है ।

Culture

कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।

Culture

निराशवादियों को इस टमाटर के पौधे से कुछ सीख लेनी चाहिए।

Culture

उत्तराखंड की 6 पारंपरिक पहाड़ी मिट्टी/धातु कला : एक सांस्कृतिक धरोहर। 6 Traditional Hill Clay/Metal ...

Culture

जौनसार बावर का सुप्रसिद्ध वाद्य ढोल की जुगलबंदी जरूर देखें।

Culture
यह भी पढ़िये :-  वर्ष 1885 में एक ईसाई मिशनरी पत्रिका के कवर पेज पर नैनीताल झील की तस्वीर।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.