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कोदे की रोटी और पिस्यूं लूण (चटनी)। 

कोदे की रोटी और पिस्यूं लूण (चटनी)। 

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पूरी बाखली पलायन कर गयी जहां कभी खुशियाँ बसती थी। The entire Bakhli has fled where happiness used to...

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पहाड़ों में पिंगली लाल ककड़ियाँ खाने का भी एक अपना आनंद है मित्रों।

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उत्तराखंड मैं पुराने समय के परम्परागत भवन उन्नत इंजीनियरिंग। Traditional House of Uttarakhand.

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बामणी गांव का अनूठा 'नंदालोकोत्सव! बद्रीनाथ मंदिर के पास स्थित है। 

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बंद पड़े ताले 🔐 , आँगन में उगती घास 🍀, वीरान होते पहाड़।

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उत्तराखंड की "पहाड़ी बाखली" हर तरफ शांति और सुकून,खूबसूरत पहाड़ों की वादियाँ। 

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हमारे पुरखों ने जो मकान बनाया हमारे लिए वह हमें आवाज लगा रहे हैं आ जाओ प्लीज।

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उत्तराखंड में ऐसे घरों को "बाखली" पहाड़ी घरों का समूह होता है जिनमे कई परिवार रहते है। 

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यह भी पढ़िये :-  ये जनपद चमोली का पुनगांव है इसकी गलत जगह बसावट है कभी जब भी गधेरे में पानी बढेगा तो गांव धराली की भांति आपदा की चपेट में आ सकता है।

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नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

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