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इस कुमाऊंनी लोकगायक वह स्टेज मिलन चाहिए था जिसका वह हकदार था। 

भैस पालून गोर पालून  गीत के मशहूर गायक गौरव बिष्ट जिला अल्मोड़ा ग्राम खोलागुनाई के रहने वाले गौरव ने कहा कि कुमाऊंनी लोकगायकों को स्टेज मिलना चाहिए। कक्षा 3 से ही कुमाऊंनी गाने शुरू करने वाले गौरव ने उत्तरायणी कौतिक में मैरी आमा हैरे गै..जैसे कई गाने गाए, जो लोगों को काफी पसंद आए। उन्होंने बताया कि पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें दिल्ली में नौकरी करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए ध्यूली रौतेला लमगड़ा के प्रधान गोविंद रौतेला सहयोग कर रहे हैं।

आप सभी लोग हमारे इन कलाकारों को सहयोग करें ताकि हमारी संस्कृति देवभूमि का नाम और आगे तक पहुंच सके।

 

 

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