
पीपलचौरा मेरे गांव के मैदान का नाम है। मैंने भी अपने जीवन के कई साल इसकी मिट्टी में लोटपोट कर बिताए हैं। इस फील्ड में खूब क्रिकेट खेला, फुटबॉल खेला, पूरे-पूरे दिन धूप सेंकी लेकिन ऐसी अनुभूति कभी नहीं हुई जो इस फोटो देखकर हो रही है। इस फोटो को देखकर एक बार फिर मैं गर्व से कह सकता हूं कि मेरा गांव देश के सबसे खूबसूरत गांवों में है। मेरा गांव शायद उत्तराखंड का पहला गांव होगा जिसने महिलाओं के लिए क्रिकेट का मैदान सजाया। जिसने उन्हें एहसास दिलाया कि वे केवल घर और जंगल के काम करने के लिए नहीं बनीं हैं। मनोरंजन पर उनका भी उतना ही अधिकार है जितना पुरुषों का बनता है। इस फोटो कि एक और खूबसूरती है जिसे अभी हकीकत बनना है। जातपात के छलावे से ऊपर उठती ये तस्वीर जब हकीकत बनेगी तब मेरा देवलथल देश से निकलकर दुनिया का सबसे खूबसूरत गांव बनेगा।
मेरा देवलथल देश से निकलकर दुनिया का सबसे खूबसूरत गांव बनेगा।
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