गांव में आजकल बैलों की कोई जरूरत नहीं है छोटे ट्रैक्टर टिलर से काम चल रहा है और बहुत अच्छा चल रहा है जो लोग खेती कर रहे हैं और मेहनत से फसलें उगा रहे हैं वो अच्छा अनाज खाते है,साफ पानी पीते हैं और स्वस्थ जीवन जीते हैं।

Related posts:
उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली शशि बनी नमकवाली आंटी जी ने पहाड़ी पिसे नमक को बनाया देश-विदेश म...
Pauri
देवभूमि उत्तराखंड की उभरती हुई नन्ही बाल गायिका शगुन उनियाल।
Uttarakhand Latest
पहले जहां पर खूब अच्छी खेती होती थी वहाँ आज पानी न होने के कारण खेत बंजर हो चुके हैं।
Agriculture
पौड़ी और हिमालय। Pauri and the Himalayas.
Uttarakhand Latest
युवा मिसाल : श्रीनगर गढ़वाल मे 38 वर्षीय सुरजीत पुंडीर बस अड्डे के सामने अपनी छोटी सी दुकान चलाते है।
Uttarakhand Latest
दिल्ली से देहरादून की यात्रा में लगने वाला 6 से 8 घंटे का समय घटकर सिर्फ 2 से 2.5 घंटे मैं। The trav...
Uttarakhand Latest
20-25 वर्षों से बंजर पड़े खेतों में सेब और कीवी के बाग़ान रोपने वाले विमल नौटियाल।
Uttarakhand Latest
पढ़िये सेंधा नमक की हकीकत। Read the truth about rock salt.
Uttarakhand Latest
उत्तराखंड में स्वरोज़गार को प्राथमिकता देते हुए। Giving priority to self-employment in Uttarakhand.
Uttarakhand Latest






