Home » Agriculture » गांव में आजकल बैलों की कोई जरूरत नहीं है छोटे ट्रैक्टर टिलर से काम चल रहा है।

गांव में आजकल बैलों की कोई जरूरत नहीं है छोटे ट्रैक्टर टिलर से काम चल रहा है।

गांव में आजकल बैलों की कोई जरूरत नहीं है छोटे ट्रैक्टर टिलर से काम चल रहा है और बहुत अच्छा चल रहा है जो लोग खेती कर रहे हैं और मेहनत से फसलें उगा रहे हैं वो अच्छा अनाज खाते है,साफ पानी पीते हैं और स्वस्थ जीवन जीते हैं। 

Related posts:

क्या आपने उत्तराखंड के नैन सिंह रावत का नाम सुना है । Have you heard of Nain Singh Rawat from Uttara...

Culture

नेपाली नींबू - यह कागजी नींबू की ही उत्कृष्ट प्रजाति है जो नेपाली नींबू के नाम से जाना जाता है Nepal...

Agriculture

दूसरे फ़्लाइवेट सेमीफ़ाइनल मैचअप में डोंगहुन चोई ने उत्तराखंड के अंगद बिष्ट को हराया। 

Khel-Khiladi

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी अर्जुन पंवार सेब की खेती से युवाओं के सामने नई मिसाल पेश कर रहे है।

Uttarakhand Tourism

आपने नागरमोथा का पौधा (Nagarmotha Plant) जरूर देखा होगा, लेकिन नागरमोथा के फायदे के बारे में नहीं जा...

Agriculture

तांबे के ये कारीगर बागेश्वर तहसील के अन्तर्गत मल्ली व तल्ली खरे के बीस गाँवों में परम्परागत तांबे के...

Culture

विपिन पंवार ने प्रतापनगर, टिहरी गढ़वाल में अपनी पुश्तैनी जमीन में कीवी की खेती से एक मिसल पेश की है।...

Tehri

पत्नी का बनाया खाना क्यों नहीं खाते थे उत्तराखंड के "मर्द"। Why did the "men" of Uttarakhand not eat...

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की शान - शामा और लीती में किवी उत्पादन की नई मिसाल। Pride of Bageshwar di...

Agriculture
यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड की पहली महिला रेलवे असिस्टेंट लोको पायलेट अंजलि शाह। अंजलि पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल निवासी हैं।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.