Home » Our Village » उत्तराखंड के टिहरी जिले में मसूरी से यमुनोत्री जाते वक्त उत्तरकाशी बाईपास पर पड़ता है पनीर वाला गाँव।

उत्तराखंड के टिहरी जिले में मसूरी से यमुनोत्री जाते वक्त उत्तरकाशी बाईपास पर पड़ता है पनीर वाला गाँव।

उत्तराखंड के टिहरी जिले में मसूरी से यमुनोत्री जाते वक्त उत्तरकाशी बाईपास पर पड़ता है पनीर वाला गाँव। यहां के लोग कुछ साल पहले तक दूध बेचा करते थे, लेकिन दूध से उतना फायदा नहीं हो पाता था, लेकिन अब पनीर से तीन-चार गुना लाभ मिल रहा है।


पनीर वाला गांव- 🥰
गढ़वाल पनीर उत्तराखंड के इसी गांव से निकला ब्रैंड है।
रौतू की वैली का पनीर अब भी बहुत बिकता है।
आपने कभी यहाँ टेस्ट किया है।

Related posts:

रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण गांव की प्रियंका योगी तिवारी अपनी वीडियो के माध्यम से पहाड़ के लोगों क...

Uttarakhand Latest

साइकिल से दुनिया नापने निकले उत्तराखंड के प्रदीप राणा, 24 साल की उम्र में कर चुके 14 देशों की यात्रा...

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड रुद्रप्रयाग के अंगद बिष्ट ने MMA (मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स)में चीन में रविवार को हुए फ्लाईवेट...

Culture

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी ने बनाया चीड़ के छाल का गागर (गगेरी) व ...

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड की चार फेमस महिला यूट्यूबरस, आपकी पसंदीदा व्लॉगर कौन हैं ?

Culture

पीसीएस में चयन पर आकाश बेलवाल को बधाई।

Uttarakhand Latest

मिलिए, युवा व्यवसायी योगेश बधानी और ऋचा डोभाल से, जिन्होंने घर की रसोई से शुरू किया काम।

Uttarakhand Latest

मिलिए बागेश्वर के शमा क्षेत्र के श्री राजेंदर कोरंगा जी से जो कीवी की खेती करके क्षेत्र को रोजगार का...

Our Village

इंजीनियर प्रवीन और उनकी पत्नी सोनी को नहीं पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।

Uttarakhand Latest
यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड में एक "बूढ़े बैल की आत्मकथा" मेरे मालिक ने मेरे कान का टैग तक काटकर मूझे ऐसे छोड़ दिया।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.