Home » Culture » कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।

कभी-कभी हमें ऐसे रास्तों पर भी चलना चाहिए जहां पर गाड़ी नहीं जाती।


आप एक अलग एहसास को महसूस करेंगे और प्रकृति का जो रूप आपको देखने को मिलेगा वह अपने आप में बहुत ही अद्भुत होगा जो भी फोटो मुझे अच्छी लगती है मैं उसे जगह का नाम, वहां के बारे में जानकारी अपने पास जमा कर लेता हूं ताकि जब भी मुझे समय मिले तब मैं उसे जगह पर जा सकूं, घूम सकू, देख सकूं वहां के लोगों के बारे में, जान सकूं वहां के खान-पान के बारे में।

वहां की संस्कृतियों के बारे में जान सकूं क्योंकि यही मेरा शौक है और इसी में मुझे आनंद मिलता है जब आप घर के बाहर निकलते हैं तब आपको घर का असली मूल्य समझ में आता है और घूमने की जो यादें होती है यह जीवन पर्यंत आपको बहुत ही सुखद अहसास कराती है। भले ही आपको घूमने के दौरान कितनी भी तकलीफें हुई हो या कितनी भी प्रॉब्लम्स को आपने फेस किया हो घूमना आपको आत्मनिर्भर बनाता है और खुद के दम पर निर्णय लेने, डिसीजन लेने के योग्य बनाता हैं 🙏

यह भी पढ़िये :-  1932 मे बद्रीनाथ, वहाँ के रावल और बद्रीनाथ में रस्सी से बने पुल की तस्वीर। Photo of Badrinath in 1932, its Rawal and the rope bridge at Badrinath.

आप कहीं भी जाएं तो कोशिश करें कि वहां के लोकल के लोगों के साथ बैठे, उनसे बातचीत करें, उनके बारे में जाने, उनसे उनके संस्कृति, खानपान के बारे में भी बात करें तभी आप असली घूमने का आनंद ले पाएंगे।

Related posts:

फूलों की घाटी, उत्तराखंड, एक अद्भुत राष्ट्रीय उद्यान। Valley of Flowers, Uttarakhand, a wonderful na...

Culture

बड़ेथ गांव, थलीसैंण ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

Our Village

उत्तराखंड की 9वीं की छात्र की कलाकारी देखिए चीड़ की पत्तियों से बनाई खूबसूरत टोकरियाँ।

Culture

पत्तों से बनी पतरी(पत्तल )और मिट्टी से बने भुरका (कुल्हड़) में विवाह इत्यादि सभी कार्यक्रम में अतिथि...

Culture

यह 1868 की यमुनोत्री घाटी के ग्रामीणों की सबसे पुरानी तस्वीरों में से एक है।

Culture

मैं धराली हूँ,पहाड़ों की गोद में पली एक मासूम सी बच्ची।

Culture

काफल पर एक लघु कहानी - A short story on Kafal.

Culture

मैं केदार!अब क्या तो कहूं, कहां तो जाऊं ?

Culture

उत्तराखंड में गावों में शादी ब्याह में अभी भी गांव के लोग मिल जुल कर काम करते है।

Culture

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.