Home » Uttarakhand Tourism » सूर्य की किरणों से नहाती हिमालय पर्वतमालाओं से घिरा चकराता का खूबसूरत हिल स्टेशन।

सूर्य की किरणों से नहाती हिमालय पर्वतमालाओं से घिरा चकराता का खूबसूरत हिल स्टेशन।

सूर्य की किरणों से नहाती हिमालय पर्वतमालाओं से घिरा चकराता का खूबसूरत हिल स्टेशन समुद्र तल से 2,118 मीटर की ऊंचाई पर है। यह उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से केवल 90 किलोमीटर दूर है।
यहाँ छोटे ट्रैक और झरनों का आनंद लिया जा सकता है।
चकराता कैसे पहुंचें?

चकराता का नजदीकी हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है जो 115 किमी दूर है।
रेलवे द्वारा:-
नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून रेलवे स्टेशन है जो लगभग 90 किमी दूर है।
आप देहरादून से सीधे चकराता पहुंचने के लिए टैक्सी किराये पर ले सकते हैं या स्थानीय बस ले सकते हैं।
चकराता सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
दिल्ली से चकराता पहुंचाना बहुत आसान है।
आप ट्रेन, बस या फिर अपने व्‍हीकल से भी यहां पहुंच सकते हैं।
दिल्‍ली के कश्‍मीरी गेट से देहरादून के लिए बसें मिल जाती हैं।
बस से देहरादून तक का किराया कुल 350 रुपए है और देहरादून से चकराता पहुंचने में कुल 100 रुपए का खर्च आएगा।
देहरादून के बस स्टैंड से टैक्‍सी या कैब लेकर आप चकराता के लिए रवाना हो सकते हैं।
वहीं अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं, तो देहरादून स्‍टेशन पर उतरते ही आपको चकराता के लिए टैक्‍सी या कैब मिल जाती हैं।
ऑक्टोम्बर से फरवरी के बीच आप यहाँ बर्फबारी भी देख सकते हैं।
मार्च-जून के बीच गर्मियों के महीने चकराता घूमने के लिए सबसे अच्छा समय है।
सितंबर से नवंबर के बीच सर्दियों के शुरुआती महीने भी ठंडे और होते हैं।

यह भी पढ़िये :-  ड्रास: भारत का सबसे ठंडा स्थान। Drass: The coldest place in India.

आसपास घूमने लायक जगह-
कनासर:
कोटि कनासर भगवान शिवजी का एक प्राचीन मंदिर है।
यहाँ के देवदार के पेड़ एशिया में सबसे ऊँचे माने जाते हैं।
देवबन:
अगर आपको हाइकिंग करना अच्छा लगता है तो देवबन आपके लिए एकदम सही जगह है।
मसूरी:
पहाड़ों की रानी मसूरी की चकराता से दूरी तीन घंटे की ड्राइव (89 किमी) है।
अगर आपने अभी तक मसूरी की यात्रा नहीं की तो सर्दियों में घूमने के लिए आस-पास की जगहों में से यह सबसे ज़्यादा खूबसूरत जगह है।
लाखामंडल:
अगर आपको छोटे गांवों का आकर्षण पसंद है और उत्तराखंड की संस्कृति को जानना है और प्राचीन हिंदू मंदिरों के दर्शन करना है, तो लाखामंडल जरूर जाएँ।
टाइगर फॉल्स:
अगर आप गर्मियों के मौसम में घूमने जा रहे हैं तो चकराता से 20 किलोमीटर दूर स्थित टाइगर फॉल्स में जरूर जाइये।

यह भी पढ़िये :-  सतपुली और गुमखाल के बीच पहाड़ी दाल का बोर्ड जहां दिखाई दे तो थोड़ी दाल जरूर खरीदें स्वरोजगार को बढ़ाएं।

सर्दियों के दिनों में, सूरज निकलने पर आप यहाँ पिकनिक मना सकते हैं।
चिरमिरी-
ये क्षेत्र चकराता मार्केट से करीबन 4 किमी दूर है।
अगर आप सूर्यास्त देखना चाह रहे हैं तो ये जगह आपके लिए परफेक्ट है।
कहाँ रुके-
पिक सीजन में हर जगह ही होटल या रिजॉर्ट में स्‍टे करना काफी महंगा पड़ जाता है।
ऐसे में या तो आप ऑफ सीजन में जाएं। या फिर अगर पीक सीजन में जाना चाहते हैं, तो शहर में नहीं, बल्कि शहर से कुछ दूरी पर आपको होटल या रिजॉर्ट काफी सस्‍ते में मिल जाएंगे।
जिनका किराया 500 से 1000-1200 रुपए के बीच होता है।
आप यहाँ घूमने के लिए लगभग 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से स्कूटी भी रेंट पर ले सकते हैं।

यह भी पढ़िये :-  1987 में बनी गढ़वाली सूपर हिट फ़िल्म बेटी ब्वारि कि पुरानी यादें भाई बलदेव राणा जी के साथ।

Related posts:

पंचाचूली ट्रेक का प्रारंभिक बिंदु कहाँ है? Where is the starting point of Panchachuli Trek?

Uttarakhand Tourism

गुलमोहर के फूल को "स्वर्ग का फूल" के नाम से क्यों जाना जाता है?

Uttarakhand Tourism

उत्तराखंड पहाड़ों की सड़के अक्सर घुमावदार और संकरी। The roads in the Uttarakhand mountains are often...

Uttarakhand Tourism

उत्तराखंड की चार फेमस महिला यूट्यूबरस, आपकी पसंदीदा व्लॉगर कौन हैं ?

Culture

उत्तराखंड में जितने भी पुरानी हवेलियां है या भवन है अगर उनको हेरिटेज होमस्टे बनाया जाए।

Uttarakhand Tourism

पहाड़ों से ऋषिकेश का मानभवक दृश्य।

Tehri

मुनस्यारी पिथौरागढ़ कुमाऊँ मण्डल उत्तराखंड। Munsyari Pithoragarh Kunaon Mandal Uttarakhand.

Uttarakhand Tourism

कर्णप्रयाग, चमोली गढ़वाल, उत्तराखंड। Karnaprayag, Chamoli Garhwal, Uttarakhand.

Uttarakhand Latest

अल्मोड़ा, उत्तराखंड की रात्रि दृश्य बहुत ही मनमोहक होती है! The night view of Almora, Uttarakhand is ...

Uttarakhand Tourism

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.