Home » Culture » उत्तराखंड के इन पुराने घरों के छज्जे की ठंडक, किसी एयर कंडीशनर से कम नहीं।

उत्तराखंड के इन पुराने घरों के छज्जे की ठंडक, किसी एयर कंडीशनर से कम नहीं।

गांव की दोपहर में पेड़ की छांव और घर के छज्जे की ठंडक, किसी एयर कंडीशनर से कम नहीं होती।

Related posts:

केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है।

Uttarakhand Latest

नौकरी छोड़कर क्या सही फैसला लिया मैंने उत्तराखंड में छोटा सा रोजगार करने का बताएं - लक्ष्मण रावत।

Culture

धनौल्टी उत्तराखंड का एक शांत और सुंदर हिल स्टेशन। Dhanaulti is a serene and beautiful hill station i...

Uttarakhand Tourism

"पिरूल से टोकरियां" ईशा आर्या नैनीताल की ये बच्ची इंटर कालेज कक्षा नौ की छात्रा ने आकर्षक अंदाज में ...

Uttarakhand Latest

उत्तराखंड में सावन के महीने में प्रकृति की सुंदरता पर एक सूंदर कविता।

Culture

बिरुड़ पंचमी की शुभकामनाएं। कुमाऊं में सातू-आठू यानि गौरा पर्व मनाया जाता है।

Festival

चाहे ठंड हो या गरम, पहाड़ में चाय पीने में न कर शर्म। Drinking tea in Uttarakhand has its own unique ...

Uttarakhand Latest

आज MeruMuluk.com की टीम ने गढ़ समाज के जानेमाने विशेष व्यक्तियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हे...

Uttarakhand Latest

पुराने लकड़ी के घर आमतौर पर ग्रामीण इलाकों या पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

Culture
यह भी पढ़िये :-  सड़क किनारे पहाड़ी सब्जी बेच रहे नितेश सिंह बिष्ट जी स्वरोजगार कर उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में सीधा-सीधा योगदान।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.