Home » Uttarakhand Latest » केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है।

केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है।

आज केदारनाथ धाम के पैदल मार्ग से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। घोड़े-खच्चरों के माध्यम से राशन एवं अन्य जरूरी सामग्री धाम में पहुंचाई गयी।

विगत 31 जुलाई को अतिवृष्टि से पैदल मार्ग जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) जी के निर्देशों पर प्रशासन द्वारा बारिश के बीच मार्ग को दुरुस्त करने के चुनौतीपूर्ण कार्य को विभिन्न टीमों द्वारा किया गया। मार्ग को और अधिक दुरुस्त करने का कार्य अभी भी जारी है।

 

Related posts:

देश को बिजली और पानी देने वाली टिहरी बांध की इस झील के लिए टिहरी के लोगों ने बड़ा योगदान दिया है।

Uttarakhand Tourism

हिमालय के उत्तराखंड में नैनीताल झील के मनोरम दृश्य (1890 के दशक)। Panoramic view of Nainital Lake i...

Culture

कर्णप्रयाग, चमोली गढ़वाल, उत्तराखंड। Karnaprayag, Chamoli Garhwal, Uttarakhand.

Uttarakhand Latest

युवा मिसाल : श्रीनगर गढ़वाल मे 38 वर्षीय सुरजीत पुंडीर बस अड्डे के सामने अपनी छोटी सी दुकान चलाते है।

Uttarakhand Latest

Tamlaag Village Gangwadsyu Pauri Garhwal Uttarakhand. ग्राम तमलाग पौड़ी गढवाल से गगवाड़स्यूँ घाटी का न...

Uttarakhand Latest

धनौल्टी उत्तराखंड का एक शांत और सुंदर हिल स्टेशन। Dhanaulti is a serene and beautiful hill station i...

Uttarakhand Tourism

नैनीताल के ज्योलिकोट से भवाली मार्ग पर क्षेत्रीय युवाओं के द्वारा एक आधुनिक फ़ूड इंजन वेन को रोजगार स...

Uttarakhand Latest

साइकिल से दुनिया नापने निकले उत्तराखंड के प्रदीप राणा, 24 साल की उम्र में कर चुके 14 देशों की यात्रा...

Uttarakhand Latest

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण कार्य में गौचर के पास एक सुरंग हुई आर पार।

Uttarakhand Latest
यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड के चमोली जिले के छोटे से गांव आली मज्याडी से निकले दिगंबर सिंह रावत ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.