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पनीर विलेज के नाम से मशहूर है उत्तराखंड का ये गांव, जानें क्या है इसकी वजह।

पनीर वाला गांव- 🥰
गढ़वाल पनीर उत्तराखंड के इसी गांव से निकला ब्रैंड है। पनीर विलेज के नाम से मशहूर है उत्तराखंड का ये गांव, जानें क्या है इसकी वजह। 

देव भूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड में कुल 13 जिले हैं, जिनमें 16,674 से अधिक गांव स्थित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से किस गांव को उत्तराखंड के पनीर विलेज के नाम से जाना जाता है। आइए आपको बताएं -आज हम आपको ऐसे ही एक गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। उत्तराखंड में एक ऐसा गांव है, जिसे पनीर विलेज के नाम से जाना जाता है। बहुत कम लोग हैं, जो इस गांव के बारे में जानते हैं। तो चलिए आज आपको उत्तराखंड के पनीर विलेज और इस नाम के पीछे की वजह के बारे में बताएं -उत्तराखंड के ‘रौतू की बेली गांव’ को ‘पनीर विलेज’ के नाम से जाना जाता है। ये विलेज टिहरी जिले में स्थित है।इस गांव को पनीर विलेज इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां रहने वाले करीब 250 परिवार पारंपरिक तरीके से घर में पनीर बनाने का काम करते हैं।शुरुआती समय में गांव में केवल 35 से 40 लोग थे, जो पनीर बनाते थे, लेकिन अब ये संख्या बढ़कर 250 हो गई है। इन लोगों की मुख्य आजीविका ही पनीर बनाकर बेचना है।रौतू की बेली गांव के पनीर की मांग टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, मसूरी और दिल्ली तक है। पनीर की शुद्धता और गुणवत्ता के कारण इस गांव के पनीर की डिमांड दूर-दूर तक है।
रौतू की वैली का पनीर अब भी बहुत बिकता है।

यह भी पढ़िये :-  उत्तराखंड के जिला अल्मोड़ा के रानीखेत से कुछ दूर पागसा गाँव में स्थित यह तीन मंजिला पारम्परिक मकान।

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