वाकई ऐसे ही लोगों की जरूर है जो अपने बंजर पड़े खेतों को आबाद कर स्वरोजगार पैदा कर दे। मटकुण्ड गांव,बीरोंखाल पौड़ी गढ़वाल की श्रीमती धनी कांति चंद और उनके पति विजय पाल चंद ऐसे ही मेहनतकश पहाड़ी बागवान हैं जो आज बागवानी के बल पर आत्मनिर्भर हैं।


Related posts:
पौड़ी और हिमालय। Pauri and the Himalayas.
Uttarakhand Latest
अब तोली गांव पर भी भूस्खलन का बड़ा खतरा।
Our Village
नमन्, सुसंस्कृत, जन आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु काम करने वाले जनसेवक को। Salute to the cultured public...
Nepal
युवा मिसाल : श्रीनगर गढ़वाल मे 38 वर्षीय सुरजीत पुंडीर बस अड्डे के सामने अपनी छोटी सी दुकान चलाते है।
Uttarakhand Latest
उत्तराखंड में गावों का जीवन कठिन होता है; सभी जानते है| फिर भी यहां रहना सब के नसीब में नही।
Our Village
"पिरूल से टोकरियां" ईशा आर्या नैनीताल की ये बच्ची इंटर कालेज कक्षा नौ की छात्रा ने आकर्षक अंदाज में ...
Uttarakhand Latest
दूसरे फ़्लाइवेट सेमीफ़ाइनल मैचअप में डोंगहुन चोई ने उत्तराखंड के अंगद बिष्ट को हराया।
Khel-Khiladi
80 वर्षीय धनी राम ने उत्तराखंड की पुरानी मशहूर हस्तशिल्प कला को बचाए रखा है। 80-year-old Dhani Ram h...
Culture
आज MeruMuluk.com की टीम ने गढ़ समाज के जानेमाने विशेष व्यक्तियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हे...
Uttarakhand Latest






