Home » Karnaprayag » छांतेश्वर महादेव यह मनोहारी स्थान कर्णप्रयाग से लगभग 25 किलोमीटेर दूर स्थित है।

छांतेश्वर महादेव यह मनोहारी स्थान कर्णप्रयाग से लगभग 25 किलोमीटेर दूर स्थित है।

छांतेश्वर महादेव

Chanteshwar Mahadev

chanteshwar mahadev karnprayag uttarakhand
यह अनुपम और मनोहारी स्थान ‘कर्णप्रयाग’ से पक्के मोटरमार्ग द्वारा चलकर लगभग 25 कि.मीटर दूर पट्टी ‘करपूर मंडल’ (कपीरी) में ग्राम ‘कंडारा’ के निकट स्थित है! ‘छांती’ कपीरी क्षेत्र का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है! इसी शिखर पर विराजते हैं- ‘छांतेश्वर महादेव’


इस मनोहारी स्थल से पट्टी- कपीरी के साथ-साथ – पट्टी बधाण, पट्टी श्रीगुरु, कड़ाकोट, तैली और शीली चाँदपुर, रानीगढ़, धनपुर और नागपुर का बहुत बड़ा क्षेत्र दिखाई देता है! पर्यटन की दृष्टि से यह स्थल अनुपम व अत्यंत मनोहारी है!

Related posts:

श्रीनगर का प्राचीन शहर निरंतर बदलाव के बाद भी अपने अस्तित्व को बचाये रखा है

Pauri

यह एक परफेक्ट जगह लगती है जहां आप थकावट मिटा सकते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ सकते हैं।

Uttarakhand Tourism

"नया नौ दिन पुराना सौ दिन" उत्तराखंड के ये मकान आज भी समय की मार से बचे हुए है।

Culture

आर्गेनिक कखड़ी की बेल - Organic Cucumber vine at Uttarakhand.

Uttarakhand Tourism

बाल मिठाई अल्मोड़ा उत्तराखंड की बहुत स्वादिष्ट मिठाई है और बच्चों में भी बहुत लोकप्रिय है।

Culture

गोरसों बुग्याल चमोली गढ़वाल उत्तराखंड। Gorson Bugyal Chamoli Garhwal Uttarakhand.

Chamoli

Jauljibi Mela in Dharchula tehsil of Pithoragarh district.

Uttarakhand Tourism

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का एक शहर है धारचूला। Dharchula is a city in the Pithoragarh district of...

Uttarakhand Tourism

ड्रास: भारत का सबसे ठंडा स्थान। Drass: The coldest place in India.

Uttarakhand Tourism
यह भी पढ़िये :-  अलकनन्दा नदी किनारे पहाड़ी शैली एवं वास्तुकला में निर्मित ये रिसोर्ट शांति और सुकन के लिए जाना जाता है।

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.