Home » Culture » अपना पहाड़ी कल्चर और रीती रिवाज दगड़ियों किस-किस को पसंद आता है

अपना पहाड़ी कल्चर और रीती रिवाज दगड़ियों किस-किस को पसंद आता है

अपना पहाड़ी कल्चर और रीती रिवाज दगड़ियों किस-किस को पसंद आता है

Who likes our hill culture and customs?

Related posts:

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (...

Culture

ये है विनोद मैठाणी अपने गाँव के प्रति प्यार ने इनको नौकरी छोड़ गाँव में ही स्वरोजगार करने की प्रेरणा ...

Culture

पहाड़ों में महिलाओं की मेहनत कढ़कती धूप में दिन भर घास का काटना।

Culture

पहाड़ का आदमी रिटायर होने के बाद अपनी जिंदगी भर की कमाई पूंजी देहरादून-दिल्ली में मकान बनाकर क्यों खर...

Culture

जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं आयुर्वेदिक दवाई भी है।

Culture

पूरी बाखली पलायन कर गयी जहां कभी खुशियाँ बसती थी। The entire Bakhli has fled where happiness used to...

Culture

एक दौर था जब खेतों मे क्रिकेट मैच खेले जाते थे गांव का किसी का भी अच्छी लोकेशन पर खेत चुनते थे।

Culture

मैं केदार!अब क्या तो कहूं, कहां तो जाऊं ?

Culture

कोदे की रोटी खाने का आनंद ही अलग है खासकर जब भूख लगी हो।

Culture
यह भी पढ़िये :-  हिमालय के उत्तराखंड में नैनीताल झील के मनोरम दृश्य (1890 के दशक)। Panoramic view of Nainital Lake in Uttarakhand, Himalayas (1890s)

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.