Home » Agriculture » आपने नागरमोथा का पौधा (Nagarmotha Plant) जरूर देखा होगा, लेकिन नागरमोथा के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे।

आपने नागरमोथा का पौधा (Nagarmotha Plant) जरूर देखा होगा, लेकिन नागरमोथा के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे।

नागर मोथा नाम की घास है। ज्यादातर खेतो के आसपास यू ही उग जाती है। यह खेतों में छोटी प्रजाति का होता हैं।  नदी नालों में बड़ी प्रजाति का होता हैं। 

छोटी प्रजाति में ख़ुशबू ज़ायदा होती हैं और दवाओं में काम आता हैं। इसका प्रयोग यज्ञ हवन में भी होता है। इस घास के बीज खाने के लिए सुअर पूरा खेत खोद देते है। जहां सूअर होते हैं हलांकि हर गांव में हैं नहीं ये। 

आपने नागरमोथा का पौधा (nagarmotha plant) जरूर देखा होगा, लेकिन नागरमोथा के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे। यह एक प्रकार का खर-पतवार है जो धान की फसल के साथ होता है। आप नागरमोथा का उपयोग एक औषधि के रूप में कर सकते हैं और भूख बढ़ाने, पाचन विकार को ठीक करने के साथ-साथ अन्य कई रोगों में नागरमोथा के फायदे ले सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अधिक प्यास लगने की समस्या, बुखार और पेट में कीड़े होने पर नागरमोथा (nagarmotha) से लाभ मिलता है। इसका लेप लगाने से सूजन ठीक होती है। इतना ही नहीं यह स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध को बढ़ाता है

यह भी पढ़िये :-  कद्दू के बीज उच्च प्रोटीने, फाइबर से युक्त। Pumpkin seeds are high in protein and fibre.

Related posts:

लैंटाना की झड़ी जो मच्छरों को प्रतिकर्षित और कीट नाशक का काम भी करती है।

Agriculture

पहाड़ के सीढ़ीनुमा खेतों में बन रहे हैं सीढ़ीनुमा मकान। Terrace Farming Inspires Step-Style Houses in U...

Culture

नेपाली नींबू - यह कागजी नींबू की ही उत्कृष्ट प्रजाति है जो नेपाली नींबू के नाम से जाना जाता है Nepal...

Agriculture

उत्तराखंड के IT प्रोफेशनल नवीन पटवाल ने गुच्छी मशरूम की व्यावसायिक खेती को सफलतापूर्वक अंजाम दिया

Agriculture

स्वरोजगार:पौड़ी जिले के बीरोंखाल के श्री दीनदयाल बिष्ट ने अपने बगीचे में लगभग दो सौ पेड़ कीवी लगा डाले...

Agriculture

पहले जहां पर खूब अच्छी खेती होती थी वहाँ आज पानी न होने के कारण खेत बंजर हो चुके हैं।

Agriculture

शुगर के मरीज लाल नहीं,काला टमाटर खाइए!

Health

चीकू के फलों के बीजों को पीसकर चूर्ण बनाकर खाने से गुर्दे की पथरी यूरिन के रास्ते निकल जाती है तथा ग...

Uttarakhand Latest

ये है बांज का पेड़ , जहां 40-50° सेल्सियस तापमान रहता है वहाँ यह पेड़ 20-22° सेल्सियस तक टेम्परेचर कर...

Agriculture

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.