Home » Culture » पुराने लकड़ी के घर आमतौर पर ग्रामीण इलाकों या पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

पुराने लकड़ी के घर आमतौर पर ग्रामीण इलाकों या पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

पुराने लकड़ी के घर आमतौर पर ग्रामीण इलाकों या पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं और अपनी अनोखी वास्तुकला और पारंपरिक शिल्प कौशल के लिए प्रसिद्ध होते हैं। इन घरों का निर्माण मुख्य रूप से स्थानीय रूप से उपलब्ध लकड़ी से किया जाता है, और इनकी बनावट और डिज़ाइन क्षेत्रीय जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार भिन्न होते हैं।

Related posts:

क्या आपने भी देखी पनचक्की? Did you also see the watermill?

Culture

ये है विनोद मैठाणी अपने गाँव के प्रति प्यार ने इनको नौकरी छोड़ गाँव में ही स्वरोजगार करने की प्रेरणा ...

Culture

पहाड़ों मे होने वाली सब्जियां जो बरसात के समय मे होती है।

Culture

तांबे के ये कारीगर बागेश्वर तहसील के अन्तर्गत मल्ली व तल्ली खरे के बीस गाँवों में परम्परागत तांबे के...

Culture

पहाड़ का आदमी रिटायर होने के बाद अपनी जिंदगी भर की कमाई पूंजी देहरादून-दिल्ली में मकान बनाकर क्यों खर...

Culture

बामणी गांव का अनूठा 'नंदालोकोत्सव! बद्रीनाथ मंदिर के पास स्थित है। 

Culture

उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले के मुकुल बडोनी (#Mukul_Badoni) एक प्रतिभाशाली कलाकार।

Culture

तीन मंजिला मकानों की कतारों को कुमाऊं में बाखली कहा जाता है। Rows of three-storey houses are called ...

Culture

बागेश्वर जिले के बिजोरिया ग्राम निवासी श्री इन्द्र सिंह धामी जी द्वारा चीड़ के पेड़ के तने से गागर (...

Culture
यह भी पढ़िये :-  Gwad Village near Khirsu, Pauri Garhwal

About

नमस्कार दोस्तों ! 🙏 में अजय गौड़ 🙋 (ऐड्मिन मेरुमुलुक.कॉम) आपका हार्दिक स्वागत 🙏 करता हूँ हमारे इस अनलाइन पहाड़ी 🗻पोर्टल💻पर। इस वेब पोर्टल को बनाने का मुख्य उद्देश्य 🧏🏼‍♀️ अपने गढ़ समाज को एक साथ जोड़ना 🫶🏽 तथा सभी गढ़ वासियों चाहे वह उत्तराखंड 🏔 मे रह रहा हो या परदेस 🌉 मे रह रहा हो सभी के विचारों और प्रश्नों/उत्तरों 🌀को एक दूसरे तक पहुचना 📶 और अपने गढ़वाली और कुमाऊनी संस्कृति 🕉 को बढ़ाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.