एक समय था जब गांव में टेंट नहीं होते थे। पारिवारिक कार्यक्रमों में, सब सामान गांव से जुटाया जाता था। बिस्तर, दूध, दही—सब मिलकर ही तैयार होता था। बारात आती तो पूरा गांव एक घर की तरह एकजुट हो जाता। बुजुर्ग बिना खाए ही मेहमानों की सेवा करते थे, और शादी एक सामाजिक एकता का मेला बनती थी।

अब समय बदल गया है। रेडीमेड जमाना आ गया है। टेंट और वेटरों की प्रथा ने सब कुछ बदल दिया है। आज की शादियां सिर्फ तीन दिन का खेल बन गई हैं, जहां न कोई जिम्मेदारी का अहसास है न सामाजिकता का भाव। याद आती है वो गांव की शादियां और त्योहार, जो दिल को छू जाते थे।

Related posts:
बड़ेथ गांव, थलीसैंण ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड
Our Village
2 नाली बंजर भूमि में सेब की खेती बम्पर पैदावार की, विनोद ढौंडियाल सोबरा गांव निवासी राठ ब्लॉक थलीसैं...
Our Village
चंबा बाजार टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड। Chamba Bazar Tehri Garhwal Uttarakhand.
Our Village
सारी गांव, जिला रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड। Sari Villae, Rudraprayag, Uttarakhand.
Our Village
पर्यटन की दिशा में आगे बढ़ता उत्तराखंड का सुन्दर गांव इसोटी, पौड़ी गढ़वाल।
Our Village
नीति गांव का मनमोहक नज़ारा, चमोली, उत्तराखंड। Niti Village Chamoli Uttarakhand.
Our Village
गांव मरोड़ा, टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड। Village Marora, Tehri Garhwal, Uttarakhand.
Tehri
मुनस्यारी का खूबसूरत बस स्टैन्ड। Beautiful bus stand of Munsiyari, Pithoragarh, Uttarakhand.
Pithoragarh
मदकोट गाँव, मुनस्यारी पिथोरागढ़ जिला कुमाऊँ मण्डल, उत्तराखंड। Madkot Village, Munsiyari District Kum...
Our Village